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सगी बहनें तान्या व करिश्मा के लिए भगवान बने जिलाधिकारी – बालगृह भेजने की गोहार को लिया संज्ञान

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बिटिया तान्या का दाखिला कक्षा 06 में एवं करिश्मा का कक्षा 07 में हुआ दाखिला

जिला प्रशासन ने ली दोनों बेटियों के विवाह की ज़िम्मेदारी

अम्बेडकरनगर: सूचना न्यूज़ सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबर” कुदरत ने खेला कुछ इस तरह खेल कि सगी नाबालिक बहनों ने स्वयं को बालगृह भेजने की लगाई गुहार” को जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी श्री अविनाश के निर्देश पर उप जिलाधिकारी जलालपुर पवन कुमार जायसवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेन्द्र प्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी जलालपुर मीनाक्षी सिंह द्वारा ग्राम व पोस्ट धवरूआ बाजार पहुंचकर बच्चियों के अभिभावक राजकुमार सोनी (चाचा )से संपर्क किया गया तथा पूरी जानकारी ली गई। इसे टच कर जानिए क्या था पूरा मामला  बच्चियों करिश्मा व तान्या के माता-पिता दोनों ही नहीं हैं, ऐसे में बच्चियां अपने चाचा के संरक्षण में रह रही थी। यह दोनों बच्चियां वर्तमान में कक्षा 05 के बाद स्कूल में दाखिला नहीं कराई थी। इनके चाचा दैनिक मजदूरी करते हैं, आर्थिक विपन्नता के कारण वह भी इनका भरण पोषण व देखभाल करने में सक्षम नहीं थे। ग्राम प्रधान अनिल कुमार सैनी भी मौके पर उपस्थित थे, जिनके द्वारा भी उपरोक्त बातों की पुष्टि की गई तथा लिखित रूप में भी दिया गया कि इन बच्चियों के शिक्षा- दीक्षा की व्यवस्था करा दी जाय।बच्चियों के चाचा द्वारा भी उनके पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था करने के लिए अनुरोध किया गया।

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चियों को उनके घर से चाचा और चाची के साथ लिवाकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय फतेहपुर मोहिबपुर जलालपुर में उपस्थित हुए, जहां पर वार्डेन ममता वर्मा एवं रुचि वर्मा के मौजूदगी में बिटिया तान्या का दाखिला कक्षा 06 में एवं करिश्मा का दाखिला कक्षा 07 में कराया गया। इस विद्यालय में बच्चियों को पढ़ाई लिखाई के साथ आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होगी ,जहां पर इन्हें किसी प्रकार की कोई भी कठिनाई नहीं होगी। साथ ही इनकी शिक्षा भी पूरी होगी। जिलाधिकारी ने बताया गया कि बड़ी होने पर इन दोनों बच्चियों की शादी का पूरा जिम्मा जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। नामांकन के पश्चात दोनों बच्चियों तान्या व करिश्मा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।कस्तूरबा में नामांकन के समय बच्चियों के अभिभावक के रूप में उनके चाचा, चाचा तथा उप जिलाधिकारी जलालपुर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा कस्तूरबा विद्यालय का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा।
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है इस पावन पर्व में नारी शक्ति की पूजा की जाती है, जिसके प्रथम दिवस पर जिलाधिकारी द्वारा उक्त बालिकाओं के शिक्षा–दीक्षा के उत्कृष्टता हेतु कार्य किया जा रहा है। जिससे बालिकाओं के उज्जवल भविष्य का निर्माण हो सकेगा।

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