अम्बेडकरनगर: स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आम जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए डायल 102 और डायल 108 नंबर जारी कर जिस तरह बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही हैं उसी तर्ज पर पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सा पशुपालक के द्वार के उद्देश्य से डायल 1962 मोबाइल वेटनरी यूनिट का संचालन सरकार द्वारा किया गया। जिसका लाभ लेते हुए जलालपुर मछली गाँव जहानिया निवासी के इंदू सिंह ने बताया की मेरी गाय को काफी तेज बुखार था जिसके कारण बीमार हो गई थी।
मौसम को देखते हुए गाय को पशुचिकित्सालय ले जाना मुश्किल था। तभी मैंने सरकार द्वारा पशुओं के इलाज के लिए चलाई गई डायल 1962 पर फोन कर सूचना दिया तो सूचना के 10 मिनट बाद पहुंची डायल 1962 मोबाइल वेटनरी यूनिट की टीम मेरे घर पहुंच गई और मेरे गाय का इलाज किया वर्तमान समय स्वस्थ है।वही बीते 25 मार्च को ग्राम जफरपुर अग्नि कांड में झुलसे में अनिल शर्मा के गाय आग में झुलस गई उसका भी उपचार करने के लिए मोबाइल बैटरी यूनिट की टीम घर पहुंच कर इलाज किया।
इस मौके पर मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम में शामिल पशुधन प्रसार अधिकारी मुन्ना लाल सोनकर चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना लोगों को घर बैठे ही उपलब्ध हो रही है यह किसी भी मौसम में पशुओं के इलाज के लिए रामबाण साबित हो रहा है| पशुपालक सुबह 10 बजे से शाम 08 बजे तक अपनी बीमार पशु की इलाज के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर डायल कर पशु चिकित्सा का लाभ अपने घर पर ले सकते हैं।





