सिविल ड्रेस में भी मौजूद रहेंगे पुरूष व महिला जवान, मनचलों पर विशेष नज़र
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) भादों माह के प्रथम रविवार को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक हारून रशीद मेला की तैयारियां पूरी हो चुकी है। शनिवार देर शाम में विधिवत उर्स व मेला का उद्घाटन किया जाएगा। सीओ टाण्डा की निगरानी में मेला सुरक्षा की कमान होगी जहां जनपदीय पुलिस सहित गैर जनपदीय पुलिस व पीएसी जवान को तैनात किया गया है तथा सिविल ड्रेस में पुरुष व महिला जवानों को लगाया गया है जिनकी मनचलों पर विशेष नज़र रहेगी। मेला में लगे ऊंचे झूले को लेकर आमजनो में असमंजस बरकरार है क्योंकि समाचार लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई है।
टाण्डा तहसील के ग्राम आसोपुर अलीगंज थाना कार्यालय के बगल स्थित शहीद बाबा हारून रशीद शाह की मजार पर प्रत्येक वर्ष भादों माह के प्रथम रविवार को ऐतिहासिक उर्स व मेला आयोजित होता है। उक्त मेला को शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सीओ टाण्डा शुभम कुमार सिंह को प्रभारी राजपत्रित अधिकारी बनाया गया है जबकि अलीगंज प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र प्रताप सिंह को सम्पूर्ण मेला को सकुशल सम्पन्न कराने का दायित्व दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपदीय पुलिस बल के साथ अयोध्या, बाराबंकी, अमेठी व सुल्तानपुर से पुलिस बल बुलाया गया है। अलीगंज थाना की सम्पूर्ण पुलिस बल व अकबरपुर, बसखारी व जलालपुर के इंस्पेक्टर सहित कुल 11 इंस्पेक्टर, 42 एसआई, 11 महिला एसआई, 62 कांस्टेबल, 21 महिला आरक्षी व बड़ी संख्या में पीएसी बल को शिफ्टवार लगाया गया है।
मेला हारून रशीद में सीसीटीवी व ड्रोन से निगरिणी के साथ रेडियो विभाग की टीम भी लगाई गई है। पुरुष व महिला दरोगा एवं आरक्षियों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है जिससे मनचलों व अराजकतत्वों पर नज़र रखी जा सके।
टाण्डा उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार त्रिपाठी मेला मजिस्ट्रेट बनाये गए हैं तथा बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता है। मेला में कई ऊंचे ऊंचे झूलों को लगाया गया है हालांकि अभी तक मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमति नहीं प्रदान की गई है, ऐसे में मेलार्थियों में ऊंचा झूला चलने को लेकर असमंजस बरकरार है। मेला में हलुवा पराठा, नारियल, अमावट आदि की दुकानों के साथ मुख्य आकर्षक लकड़ी के सामानों की भी दुकानें सज गई है। मेला शनिवार से शुरू होकर मंगलवार तक चलता है हालांकि मेला का मुख्य दिन रविवार माना जाता है।




