13 हजार से ज्यादा सिलेंडर उपलब्ध होने का दावा, शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय — अब सीएससी केंद्रों पर भी होगी ई-केवाईसी
अम्बेडकरनगर जनपद में एलपीजी गैस को लेकर चल रही शिकायतों के बीच जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता कर बड़ा ऐलान किया। डीएम ने साफ कहा कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और गैस की कालाबाजारी या ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 44 गैस एजेंसियां संचालित हैं और 12 मार्च 2026 को इन एजेंसियों पर 13 हजार से अधिक गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी न होने पाए।
डीएम ने बताया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए पूरे जिले में होम डिलीवरी सिस्टम लागू कर दिया गया है। अब किसी भी उपभोक्ता को गैस एजेंसी पर जाने की जरूरत नहीं होगी। गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद निर्धारित समय में सिलेंडर सीधे उपभोक्ता के घर पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सुबह 9 से 11 बजे के बीच बुकिंग नंबरों पर ज्यादा दबाव होने से कभी-कभी दिक्कत आती है, इसलिए उपभोक्ता अन्य समय पर भी आसानी से बुकिंग कर सकते हैं। सिलेंडर की डिलीवरी के समय ओटीपी देना अनिवार्य होगा, इसलिए उपभोक्ता बुकिंग के समय प्राप्त ओटीपी सुरक्षित रखें।
गैस से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां दो शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह 06 बजे से 02 बजे तक मोबाइल नंबर 7355654363 व
दोपहर 02 बजे से रात 10 बजे तक अमित कुमार चौबे मोबाइल नंबर 8787066712 पर शिकायत कर सकते हैं।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर गैस बेचने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मजिस्ट्रेट, राजस्व और पुलिस टीमों को निगरानी में लगाया गया है।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रशासन ने जनपद के सभी सीएससी केंद्रों पर एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी सुविधा भी शुरू कर दी है। अब उपभोक्ता अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर गैस कनेक्शन की केवाईसी करवा सकते हैं।
प्रशासन ने सभी सीएससी संचालकों को निर्देश दिया है कि वे अपने केंद्रों पर “यहां गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है” का डिस्प्ले बोर्ड लगाएं, ताकि उपभोक्ताओं को जानकारी मिल सके।





