8 सितंबर से राजनीतिक प्रशिक्षण कैम्प का आगाज, बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक संगठन खड़ा करने की तैयारी; आगामी चुनाव से पहले पीस पार्टी ने चला बड़ा दांव
अम्बेडकरनगर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टांडा की सियासत में पीस पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने 278-टांडा विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा सियासी अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान की कमान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैय्यद हाफिज गुलाम सरवर को सौंपी गई है।
पीस पार्टी के वरिष्ठ नेता चुन्नू सलमानी ने बताया कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से 8 सितंबर से राजनीतिक प्रशिक्षण कैम्प शुरू किया जाएगा। पार्टी की रणनीति करीब तीन महीने के भीतर विधानसभा क्षेत्र में संगठन को धरातल पर सक्रिय और मजबूत करने की है।
सिर्फ भाषण नहीं, कार्यकर्ताओं की ‘पॉलिटिकल ट्रेनिंग’
पीस पार्टी का यह अभियान महज बैठकों तक सीमित रखने के बजाय कार्यकर्ताओं को राजनीतिक तौर पर तैयार करने पर केंद्रित होगा। कैम्प के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, जनसंपर्क, क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने की रणनीति से जोड़ा जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अभियान का मकसद संगठन को ऊपर से नीचे नहीं, बल्कि जमीन से ऊपर तक मजबूत करना है। इसके तहत विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देकर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कवायद की जाएगी।
गुलाम सरवर के अनुभव पर पार्टी को भरोसा
सैय्यद हाफिज गुलाम सरवर को संगठन खड़ा करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का अनुभव है। इसी अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें टांडा विधानसभा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय प्रवक्ता को संगठनात्मक अभियान की कमान मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।
पीस पार्टी के नेताओं का मानना है कि यदि तीन महीने के अभियान को रणनीति के मुताबिक जमीन पर उतारा गया तो विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता बढ़ सकती है।
टांडा की सियासत में कितना असर डालेगा ‘मिशन संगठन’?
टांडा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। ऐसे में चुनावी तैयारियों के बीच पीस पार्टी का यह संगठनात्मक अभियान स्थानीय सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। आगामी 8 सितंबर से शुरू होने वाला कैम्प महज प्रशिक्षण कार्यक्रम है या पीस पार्टी के बड़े चुनावी प्लान की शुरुआत—इसका जवाब आने वाले दिनों में संगठन की जमीनी सक्रियता से मिलेगा।
फिलहाल इतना साफ है कि पीस पार्टी ने टांडा में चुनाव से पहले संगठन की जमीन मजबूत करने के लिए कमर कस ली है और इस अभियान की पूरी जिम्मेदारी गुलाम सरवर के कंधों पर है।





