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ईद की खरीदारी या हादसे की तैयारी? प्राइवेट बसों की रफ्तार से टाण्डा में दहशत!

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–तो क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन!

अम्बेडकरनगर (विशेष रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) पवित्र माह रमज़ान के आखिरी दिनों में ईद की खरीदारी के लिए टाण्डा नगर के बाजारों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं और बच्चे कपड़े, जूते और ईद की जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजारों में निकल रहे हैं, लेकिन इस भीड़ के बीच टाण्डा की सड़कों पर जाम और अव्यवस्था का ऐसा आलम है कि पूरा नगर मानो जाम के जंगलराज में बदल गया है।


जाम की स्थिति और भी खतरनाक इसलिए हो गई है क्योंकि लखनऊ जाने वाली प्राइवेट बसें भीड़भाड़ के समय भी नगर के बीचों-बीच तेज रफ्तार से दौड़ाई जा रही हैं। दर्जनों बसें बिना किसी रोक-टोक के बाजारों से गुजर रही हैं, मानो सड़कें यात्रियों की नहीं बल्कि बसों की रेस ट्रैक बन गई हों।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बाजारों में हजारों लोग खरीदारी के लिए मौजूद हैं, तब भी प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों की मांग है कि कम से कम ईद तक भीड़ के समय प्राइवेट बसों का संचालन बाईपास मार्ग से कराया जाए, ताकि बाजार क्षेत्र को जाम और संभावित हादसों से बचाया जा सके।
संभ्रांत नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार बसों और भीड़भाड़ के इस खतरनाक मिश्रण से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन मानो आंखें मूंदकर तमाशा देख रहा है।
नगरवासियों का साफ कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो टाण्डा की सड़कें किसी बड़े हादसे की गवाह बन सकती हैं, और तब सवाल यही उठेगा कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी उस समय क्या कर रहे थे।

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