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जिला अस्पताल में आयोजित हेल्थ कैम्प में कटे फटे होंठ एवं कटे तालू से ग्रसित कुल 75 बच्चों का हुआ पंजीयन

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अम्बेडकरनगर: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 03 जून को ज़िला संयुक्त चिकित्सालय में आयोजित हेल्थ कैंप में कुल 75 बच्चो का हुआ पंजीकरण किया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबद्ध संस्थाओं द्वारा निःशुल्क ऑपरेशन व उपचार हेतु पंजीकरण शिविर ज़िला संयुक्त चिकित्सालय के प्रांगण में आयोजित हुआ जिसमें स्माइल ट्रेन संस्था के अन्तर्गत SIPS सुपर स्पेशलिटी द्वारा कटे-फटे होंठ एवं कटे तालू के बच्चे 19 वर्ष तक के ग्रसित कुल 75 बच्चों का पंजीकरण किया गया जिसमें कटे-फटे होंठ एवं कटे तालू के 45 इलाज के लिए SIPS हॉस्पिटल लखनऊ रेफर किया गया।


ज़िला संयुक्त चिकित्सालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्माइल ट्रेन संस्था द्वारा जन्म से कटे होंठ एवं तालू वाले बच्चों का निःशुल्क उपचार हेतु ज़िला संयुक्त चिकित्सालय जनपद अम्बेडकर नगर में पंजीकरण शिविर लगाया गया। लखनऊ के सिप्स अस्पताल द्वारा लगाये गये इस शिविर में इलाज व ऑपरेशन हेतु 75 बच्चों को चयनित किया गया, जिनमें से 45 बच्चों को संस्था के ही बस से लखनऊ रेफर भी कर दिया गया | जहाँ उनके रहने खाने की व्यवस्था निःशुल्क की जायेगी और शेष बच्चों को भी जल्द ही भेजा जायेगा।
उक्त मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.एन.यादव, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय वर्मा ने बताया है कि शिविर का मुख्य उद्देश्य आरबीएसके कार्यक्रम के प्रति लोगो में जागरूकता फैलाना तथा गरीब बच्चों व परिजनों को उनके चेहरों पर नयी मुस्कान देना है। उन्होंने कहा कि शिविर में इलाज हेतु चयनित बच्चों का ऑपरेशन और सम्पूर्ण इलाज निशुल्क है और बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तमाम गरीब असहाय परिवार और बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है| उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की ।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. आशुतोष सिंह ने बताया इसके अलावा डीईआईसी सेंटर्स के माध्यम से बच्चों में जन्मजात दिल का छेद, कम सुनना, अस्थि रोग, पैर का घुमा हुआ होना जैसी करीब 40 प्रकार की जन्मजात बीमारियों का भी निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है।
डीईआईसी मैनेजर सुनील वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 6 सप्ताह से 6 वर्ष के बच्चों का आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एवं 6 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों का स्कूलों में मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है,इसके अलावा प्रसव केन्द्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा एवं अन्य जन्में बच्चों का गृह भ्रमण के दौरान आशा द्वारा परीक्षण किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि कटे हुए होंठ वाले बच्चों का ऑपरेशन होने के समय उनकी उम्र कम से कम 4 से 6 महीने व वजन 5 किलोग्राम होनी चाहिए, वहीँ तालू की समस्या वाले बच्चों की उम्र 9 से 12 महीने व वजन 7 किलोग्राम होनी चाहिए |
विगत वित्तीय वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी की सराहना की गई तथा मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र दिए गए जिसमें डा. अब्बास, डॉ. महबूब अहमद, डॉ. अदनान, डॉ. निशार, डॉ. जियाउद्दीन, डॉ. अजमल, डॉ. दिनेश वर्मा, डॉ राशिद, डॉ. मसूद, डॉ सईद अख़्तर, डॉ एसएम शाहिद, डॉ निसार, डॉ देवेंद्र यादव आदि शामिल रहे।

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