अम्बेडकरनगर: जमानत पर जेल से बाहर आया शातिर एक बार फिर कानून को ठेंगा दिखाते हुए दिनदहाड़े सर्राफा दुकान पर लूट की वारदात को अंजाम देने पहुंच गया। लाइटर पिस्टल के सहारे सोने की चैन और अंगूठियां लेकर भागने की कोशिश ने इलाके में सनसनी फैला दी, लेकिन दुकानदार की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से आरोपी रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
मामला टाण्डा नगर क्षेत्र में स्टेट बैंक के निकट स्थित अखिलेश सर्राफा की दुकान का है, जहां आरोपी मो. सलीम पुत्र मो. शमीम, निवासी छोटी बाजार, ग्राहक बनकर पहुंचा। पहले उसने चैन और अंगूठियां दिखवायीं, फिर अचानक लाइटर पिस्टल निकालकर दुकानदार को डराने की कोशिश की। दहशत के बीच आरोपी सामान लेकर बाहर निकलने लगा, तभी दुकानदार ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचा दिया।
शोर सुनते ही आसपास के लोगों ने घेराबंदी कर सलीम को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची टाण्डा कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 72/26 दर्ज कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी शातिर हरकतों में शामिल रहा है। हाल ही में आलापुर थाना क्षेत्र के ढोलबजवा में वह नकली ड्रग्स इंस्पेक्टर बनकर मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करते पकड़ा गया था, जिसके चलते उस पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। वहीं से जमानत पर छूटते ही उसने फिर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस ने बीएनएस की धारा 309(4) और 317(2) के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जमानत पर छूटे अपराधियों पर निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है।








