अम्बेडकरनगर: औद्योगिक नगरी टाण्डा के तलवापार में स्थित प्राचीन दरगाह हज़रत मौलाना हक्कानी शाह रह. के आस्तना पर जुमा की नमाज़ के बाद बुनकरों के खराब कारोबारी हालत को लेकर दुआ ख़्वानी का आयोजन किया गया। इस्लामिक धार्मिक संस्था आदरे शरैय्या के बैनर पर टाण्डा ईदगाह के पूर्व इमाम मौलाना मुख्तार अहमद शाबरी मंजरी की मौजूदगी में दुआ ख़्वानी सम्पन्न हुई।
बताते चलेंकि औद्योगिक बुनकर नगरी के नाम से प्रसिद्ध टाण्डा में कपड़ा बुनाई का घरेलू उद्योग काफी पुराना है और इस उद्योग में अधिकांश मज़दूर तबका जुड़ा हुआ है जबकि कुछ प्रतिशत बड़े व्यापारी है और वो छोटे कपड़ा बुनाई करने वालों व मज़दूरों की मेहनत का सही मुआवजा नहीं देते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर जब भी कपड़ों की डिमांड कम होती है तो बड़े व्यापारियों पर इसका कोई खास फर्क नहीं पड़ता है लेकिन मीडियम व छोटे बुनकरों के सामने धनाभाव की बड़ी समस्या पैदा होती है जिसका फायदा बड़े व्यापारी उठाते हुए लागत से कम दामों में तैयार माल खरीद लेते हैं और छोटे बुनकरों के पास से जमा पूंजी व कारोबार की मूल रकम भी धीरे धीरे समाप्त हो जाती है।
टाण्डा व आसपास के क्षेत्रों में चर्चा है कि कुछ माह से टाण्डा में तैयार कपड़ो की डिमांड राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर कम हो गई है, जिसका फायदा उठाने का काम बड़े कपड़ा व्यपारियो द्वारा तेज़ कर दिया गया है, जिससे बुनाई पेशा से जुड़े मंझले व छोटे कारोबारियों के सामने बड़ी आर्थिक समस्या पैदा हो गई है और वो अपना तैयार कपड़ा लागत से भी कम कीमत पर बड़े व्यपारियो को देना शुरू कर दिए हैं। उक्त खराब हालात को देखते हुए धार्मिक संस्था आदरे शरैय्या द्वारा तलवापार में दुआ ख़्वानी कराई गई। दुआ ख़्वानी से पूर्व मुस्लिम समाज ने विशेष दुआ पढ़ी और फिर मौलाना फैय्याजुद्दी मंजरी ने दुआ कराई। उक्त अवसर पर मौलाना मुख़्तार अहमद मंजरी, मौलाना फैय्याजुद्दी मंजरी, हाजी शमीम अख्तर, हाजी मुकर्रबीन अंसारी, सदरुद्दीन पप्पू, मौलाना शाबाज़, मौलाना कौनैन, मुसाब अज़ीम, मसूद आलम अंसारी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। सलात व सलाम के बाद दुआ ख़्वानी सम्पन्न हुई।




