अम्बेडकरनगर: रमज़ान के मुकद्दस महीने में औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा के कई मासूम बच्चों ने इस बार अपना पहला रोजा रखकर सभी का दिल जीत लिया। नन्हे रोजेदारों के हौसले और उत्साह को देखकर परिवार और मोहल्ले के लोगों ने उनकी हौसला अफजाई की।
सकरावल टाण्डा निवासी 07 वर्षीय मोहम्मद इस्माइल पुत्र इसरार अहमद (मुन्ना) ने भी अपना पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। पूरे दिन रोजा रखने के बाद इफ्तार के समय परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला।
वहीं समाजसेवी मो. अकमल के भतीजे 07 वर्षीय मो. अरहम पुत्र मो. अकरम निवासी छज्जापुर टाण्डा ने भी अपना पहला रोजा रखा। छोटे-छोटे रोजेदारों के इस जज़्बे को देखकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें दुआएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रमज़ान के इस पवित्र महीने में टाण्डा क्षेत्र के कई अन्य मासूम बच्चों ने भी पहला रोजा रखा। रोजा रखने वाले बच्चों के घरों में विशेष रूप से इफ्तार की तैयारी की गई और परिवार के लोगों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
बुजुर्गों का कहना है कि कम उम्र में रोजा रखने से बच्चों में सब्र, अनुशासन और इबादत का जज़्बा पैदा होता है, जो उन्हें आगे चलकर अच्छे संस्कार और धार्मिक मूल्यों से जोड़ता है।
रमज़ान के महीने में इन नन्हे रोजेदारों का जज़्बा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।








