रिटायरमेंट के अंतिम दिन ईओ ने अपने चहेते ठेकेदार को दिया करोड़ों रुपयों का टेंडर
अम्बेडकरनगर: नगर पालिका जलालपुर में तैनात अधिशाषी अधिकारी ने अपने रिटायरमेंट की रात्रि में अपने चहेते ठेकेदार को लगभग दो करोड़ रुपया की निविदा पास कर दिया और उस कार्य में एक अन्य रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल है। आचार संहिता के दौरान हुए करोड़ों के टेंडर मामले में जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाते हुए ईओ व प्रभारी लिपिक को पत्रावलियों सहित तलब किया लेकिन सम्बन्धित ईओ अपने आवास पर ताला लगा कर फरार हो गए जबकि वरिष्ठ लिपिक राम प्रकाश सम्बन्धित पत्रावलियों को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर गए।
उपजिलाधिकारी जलालपुर द्वारा भी गुरुवार को काफी समय तक पत्रावलियों की जांच किया गया और ईओ यदुनाथ के सेवानिवृत्त होने के कारण टाण्डा ईओ डॉ आशीष सिंह को जलालपुर नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा दिया गया है।नगर पालिका जलालपुर में कागजों के खेल की पोल परत दर परत खुलने लगी है। तत्कालीन ईओ द्वारा बिना उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाये हुए आचार संहिता के दौरान ही विद्युत सम्बन्धित सामनों के लिए 01 करोड़ 99 लाख रुपया का टेंडर रात्रि 10 बजे अपने चहेते ठेकेदार के नाम कर दिया। चर्चा है कि उक्त टेंडर के लिए ठेकेदार द्वारा 10 लाख रुपया भी दिया गया था और कागजी खेल की पोल खुलने के बाद जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप होने के बाद ठेकेदार की नींद गायब हो गई है।
जलालपुर नगर पालिका पहली ऐसी नगर पालिका है जहां अधिकारी रिटायरमेंट होने के बाद भी नगर पालिका कार्यालय का मोह नहीं छोड़ पाते हैं और बैक डेट का लाभ उठा कर काफी काम करते हैं जिसके बदले मोटी रकम भी उसूलते हैं।
बहरहाल जलालपुर नगर पालिका में लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के दौरान ही रिटायरमेंट के अंतिम दिन अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने वाले ईओ के खिलाफ जिलाधिकारी ने जांच शुरू करा दिया है तथा टाण्डा ईओ को जलालपुर नगर पालिका की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी सौंप दिया गया है।





