निर्माणदायी बीटीएल संस्था के अधिकारी व ठेकेदार शासन की ज़ीरो टोरलेन्स मंशा पर फेर रहे हैं पानी
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान – एडिटर इन चीफ/मान्यता प्राप्त पत्रकार) टाण्डा तहसील क्षेत्र के सुलेमपुर परसावां में जल मिशन शक्ति के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी के होने वाली बाउंड्रीवाल को कार्यदायी संस्था, स्वजातीय ग्राम प्रधान व स्वजातीय ठेकेदार की मिलीभगत से लाली माँ मैरेज़ हाल के मालिक को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बंजर भूमि छोड़ दिया गया है जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा बंजर भूमि बेच देने की आशंका प्रकट की जा रही है।
टाण्डा उपजिलाधिकारी सचिन यादव के निर्देश पर टाण्डा तजसीलदार शिव नरेश सिंह स्वयं राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाली मां मैरेज़ हाल व निर्माणाधीन पानी टंकी परिसर की पैमाईश करवाया। तहसीलदार श्री शिव नरेश ने बताया कि कार्यदायी संस्था बीटीएल द्वारा सड़क से सटा कर बाउंड्रीवाल निर्माण कराया जा रहा था जो गलत था क्योंकि पीछे लाली मां मैरेज़ हाल से लगी हुई बंजर भूमि बिना रास्ता के छूट रही थी जिसका प्रत्यक्ष लाभ दूसरे को होता, जिसके कारण मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था बीटीएल के बसखारी ब्लाक हेड व प्रोजेक्ट मैनेजर को पीछे बच रही बंजर भूमि को बाउंड्रीवाल में शामिल कराने का निर्देश दिया। कार्यदायी संस्था बसखारी ब्लाक हेड मानेकेश्वर सिंह ने बताया कि जल मिशन शक्ति के मानक अनुरूप 30×30 मीटर का ही निर्माण कराया जा सकता है इससे अधिक निर्माण नहीं हो सकता है। उक्त मामले में स्वजातीय प्रधान मूकदर्शक की श्रेणी में नज़र आ रहे हैं जबकि स्वजातीय ठेकेदार अजय चौधरी भी स्वजातीय लाली मां मैरेज़ हाल के मालिक राधेश्याम वर्मा को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उसी स्थान पर बाउंड्रीवाल निर्माण करा रहा है जिससे स्वजातिय पड़ोसी को बड़ा लाभ मिल सके।तहसीलदार द्वारा बंजर भूमि को निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल में शामिल कराने का निर्देश देने के बाद कार्यदायी संस्था व ठेकेदार पर कोई असर नहीं पड़ा और निर्माणकार्य में तेज़ी ला कर जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल पूरी करना चाहते हैं जिससे लाली मां मैरेज़ हाल के मालिक को लाभ पहुंचाया जा सके।
जनचर्चा तेज़ है कि बिना रास्ते की बंजर भूमि का अवैध रूप से सौदा किया जा चुका है जिसके कारण तहसीलदार की बात मानने के लिए कार्यदायी संस्था व ठेकेदार तैयार नहीं है। शासन की ज़ीरो टोरलेन्स की मंशा पर साफ पानी फिरता नज़र आ रहा है।








