अदारे शरैय्या का वार्षिक जलसा शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल सम्पन्न
अम्बेडकरनगर: औद्योगिक नगरी टांडा में संचालित प्रसिद्ध इस्लामिक धार्मिक संस्था अदारे शरैय्या का वार्षिक जलसा शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल सम्पन्न हुआ।
टांडा ईदगाह के पूर्व इमाम मौलाना मुख्तार अहमद शाबरी की अध्यक्षता में टांडा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह सकरावल पश्चिम मदीना मस्जिद के पास वार्षिक जलसा ईद मिलादुन्नबी का भव्य कार्यक्रम मौलाना किसमतुल्लाह सिकन्दरपुरी के संचालन में सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में अदारे शरैय्या में अध्ययनरत 122 छात्रों को कुरआन पाक मुकम्मल करने एवं दो छात्र दो छात्र अब्दुल्लाह पुत्र अब्दुलरब व मो.इरफान पुत्र अलाउद्दीन निवासीगण सकरावल पूरब को कुरआन पाक कंठस्थ (हिफ़्ज़) करने पर हाफिज की उपाधि भेंट कर दस्तारबन्दी की गई। मौलाना अबरार बस्तवी द्वारा दैनिक जीवन में इस्लामिक शिक्षा को शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा गया कि किसी भी इंसान की बुराई उसकी गैर उपस्तिथि में कदापि न करें, भले ही वो बुराई उसके अंदर मौजूद हो। अगर बुराई मौजूद होने पर उसकी गैर मौजूदगी में बात करेंगे तो ग़ीबत होगी और बिना बुराई के बुराई करने पर तोहमद होगी और दोनों बड़ा गुनाह है जो रिज़्क़ (रोजी) में रुकावट पैदा करता है।

उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना अख्तर हुसैन बस्तवी ने शिक्षा पर विशेष उद्घोषन करते हुए कहा कि शिक्षा आम आदमी को अच्छा इंसान बनाती है, अच्छा इंसान बनने के लिए शिक्षा ग्रहण करना आवश्यक है। उन्होंने दुनियावी व इस्लामिक शिक्षा को ग्रहण कर मानव जाति के लिए अच्छा काम करने का आह्वान किया। श्री अख्तर ने कहा कि बच्चियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि बच्चियां दो घरों को संवारती हैं और शिक्षा बुराइयों को रोकती है।
उक्त अवसर पर अदारे शरैय्या के मौलाना फैय्याजुद्दीन ने बताया कि अदारे शरैय्या द्वारा सैकड़ों बेवाओं (विधवाओं) को प्रति माह नियमित रूप से वजीफ़ा दिया जाता है तथा आर्थिक रूप से परेशान लोगों को चिकित्सीय मदद की जाती है और संस्था द्वारा इस्लामिक शिक्षा के क्षेत्र सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय मे भी एक दर्जन से अधिक छात्रों को हिफ़्ज़ की शिक्षा दी जा रही है। उक्त अवसर पर अतीक अहमद, मसूद अहमद, इमरान अहमद, मो.अकमल, सिराज अहमद, मोहिउद्दीन, मौलाना ज़मान, मो.आदिल, कमर अहमद, मो.रफीक, हाजी सदरुद्दीन, हाजी परवेज़, फैसल मासूम आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में देश की शांति व खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई गई।






