अम्बेडकरनगर: गुरुवार देर रात्रि में एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी की हत्या की अफवाह फैलने से सियासी माहौल गरमा गया है। एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव मुराद अली ने इस मामले पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए इसे सुनियोजित साजिश करार दिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मुराद अली ने कहा कि जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी की हत्या की झूठी खबर फैला कर कार्यकर्ताओं में दहशत फैलाने और जिले का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक लाभ के लिए किया गया और सपा से जुड़े लोगों की भूमिका संदिग्ध है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अफवाह फैलाने वालों को तुरंत चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए। “हत्या जैसी झूठी खबर फैलाना बेहद गंभीर अपराध है। यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने और समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश है। दोषियों को बख्शा गया तो एआईएमआईएम आंदोलन करने को मजबूर होगी।” मुराद अली ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी को उक्त मामले में प्रार्थना पत्र देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करने का निर्देश दिया।
प्रदेश सचिव ने कहा कि पार्टी अपने जिलाध्यक्ष की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है और एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बहरहाल AIMIM जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी की हत्या की फ़र्ज़ी अफवाह के पीछे कौन है और उसका क्या मकसद है ये तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।








