“एक हफ्ते में दूसरी हत्या, आखिर किसके संरक्षण में बेखौफ हैं अपराधी – कांग्रेस
अम्बेडकरनगर: सम्मनपुर थाना क्षेत्र के मजीसा लेहड़ी गांव में 55 वर्षीय मोहनलाल कनौजिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। कांग्रेस ने इसे सीधे प्रदेश की कानून व्यवस्था की विफलता से जोड़ते हुए भाजपा सरकार और स्थानीय पुलिस पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर सोमवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने घटना की जानकारी लेने के बाद कहा कि मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति मोहनलाल कनौजिया की गला दबाकर हत्या की गई। उनका कहना है कि विवाद की शुरुआत तालाब में बच्चों के नहाने को लेकर हुई थी, जिसके बाद मृतक के पुत्र की कथित रूप से पिटाई की गई और फिर घटनाक्रम ने हिंसक रूप ले लिया।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। साथ ही मृतक की पत्नी को जीवन-यापन के लिए भूमि का पट्टा भी उपलब्ध कराया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने सम्मनपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अकबरपुर ब्लॉक अध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने कहा कि क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी हत्या है, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है और लगातार हो रही घटनाएं प्रशासन की विफलता को उजागर कर रही हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव का कहना है कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार कानून व्यवस्था संभालने में असफल साबित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी।प्रतिनिधिमंडल में युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव विशाल वर्मा, रितेश त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष राकेश वर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फिलहाल मोहनलाल कनौजिया हत्याकांड ने न केवल गांव में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा किया है, बल्कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




