तालाब में नहाने को लेकर विवाद बना खूनी संघर्ष, ग्रामीणों ने रात्रि में सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
अम्बेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के मजेसा गांव स्थित लेहडी में बच्चों के तालाब में नहाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। घटना में मोहनलाल कन्नौजिया की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं सहित एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बढ़ते तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। देर रात सम्मनपुर थाने में एफआईआर संख्या 117/26 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट भी शामिल किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
मुकदमा वादी सुधीर कुमार पुत्र मोहनलाल निवासी ग्राम लेहड़ी (मजीसा) थाना सम्मनपुर ने बताया कि रविवार की शाम 6 बजे विष्णु पाण्डेय, गोपाल पाण्डेय, अदित्य पाण्डेय, अंश पाण्डेय, दिवेन्द्र पाण्डेय, लाला पाण्डेय ने तालाब में नहाने की बात को लेकर मेरे भाईयो को मारे पीटे, जब यह बात मेरे पिता को पता चली तो मेरे पिता मोहनलाल जब विपक्षीगणों से पुछने लगे तो विपक्षीगण एक जुट होकर लाठी, डंडा वा हाथ से व लात घूसो से मारने पीटने लगे जिससे उनकी हालत गंभीर हो गयी हम तीनों भाई उनको छुड़ाने की बहुत कोशिश किया लेकिन वह लोग मारते रहे और मारकर के भाग गए हम तीनो भाईयों ने अपने पिता मोहनलाल को उठा कर आनन-फानन में अस्पताल की तरफ लेकर भागे जहां पर डाक्टरों द्वारा मृत्यु घोषित कर किया गया।
मोहनलाल की मृत्यु के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर शव रख कर मार्गजाम करते हुए प्रदर्शन किया जिसके बाद कई थाना क्षेत्र की पुलिस बल पहुंच गई और नामित आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरते हए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।




