अम्बेडकरनगर: रूहानी इलाज़ के लिए विश्व विख्यात सुल्तान शाह हजरत सैय्यद मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की दरगाह किछौछा का 638वां वार्षिक उर्स पारंपरिक रस्मों के साथ शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। उर्स मखदूम अशरफ के दौरान प्रत्येक वर्ष की तरह हजरत मखदूम अशरफ के वंशज साहिबे सज्जादा सज्जादानशीन अल्लामा मौलाना सैय्यद मोइनुद्दीन अशरफी अल जिलानी की खानकाह अशरफिया हुसैनिया में भी लगातार उर्स मखदूम अशरफ की धूम रही।
विभिन्न कार्यक्रमों के साथ खानकाह अशरफिया हुसैनिया में अनवरत लंगर भी चलता रहा। उक्त लंगर की सेवा मुम्बई के प्रसिद्ध खानदानी बावर्ची शम्सुलहक खान उर्फ शम्सु भाई की टीम ने शानदार ढंग से अदा किया। बावर्ची शम्सु भाई की टीम कई दशक से लगातार उर्स मखदूम अशरफ के मौके पर लंगर की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान अदा करती है। सोमवार को शम्सुलहक खान उर्फ शम्सु भाई की टीम को साहिबे सज्जादा अल्लामा मौलाना सैय्यद मोइनुदीन उर्फ मोइन मियां ने सम्मानित किया। शम्सुलहक खान उर्फ शम्सु भाई की टीम ने हज़रत मोइन मियां के साथ आस्ताना मखदूम अशरफ पर हाजिरी लगाई जहां हजरत मोइन मियां ने शम्सुलहक खान की पूरी टीम को दस्तार मुबारक पेश कर सम्मानित किया। उक्त मौके पर हजरत मोइन मियां ने पूरी टीम को दुआओं से नवाजते हुए कहा कि इस्लाम मजहब ने लंगर की सेवा पर विशेष फोकस डाला है और नि:स्वार्थ खाना खिलाने व बांटने वालों पर अल्लाह पाक ने कई इनामात का वादा किया है इसलिए उर्स के अलावा आम दिनों में भी लंगर की सेवा करना चाहिए जिससे धरती और कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहने पाए।दरगाह किछौछा उर्स लंगर सेवा में जुटे मुम्बई के मशहूर बावर्चीयों को साहिबे सज्जादा ने किया सम्मानित





