अम्बेडकरनगर: टाण्डा तहसील में तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। कथित भ्रष्टाचार, मनमाने एवं विधि-विरुद्ध न्यायिक आदेशों और सरकारी भूमि (कब्रिस्तान) को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोपों को लेकर अधिवक्ता अब सीधे तहसीलदार निखिलेश कुमार के तत्काल तबादले की मांग पर अड़ गए हैं जिसके कारण तहसीलदार कोर्ट का न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। मामला अब अधिवक्ता संघ द्वारा अयोध्या मंडल के आयुक्त तक पहुंचा दिया गया है।
टाण्डा बार एसोसिएशन का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा कई मामलों में नियमों को ताक पर रखकर और तथ्यों की अनदेखी कर काम जा रही है। इससे न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और आमजन में गहरा रोष व्याप्त है।

अधिवक्ताओं के अनुसार, तहसीलदार के कार्यशैली के विरोध में तहसील न्यायालयों का बहिष्कार जारी है, जिससे न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। बार पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक तहसीलदार का तबादला कर निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
कमिश्नर स्तर तक मामला पहुंचने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि उच्च अधिकारी इस गंभीर विवाद पर क्या सख्त फैसला लेते हैं। कमिश्नर को तीन पृष्ठीय ज्ञापन देने में टाण्डा अधिवक्ता संघ टाण्डा अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह के साथ राम नरेश कन्नौजिया, संजीव प्रताप सिंह, हेलाल अशरफ, अजय प्रताप श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। नीचे ज्ञापन दिया जा रहा है।





