अम्बेडकरनगर(रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकर) महज एक साल के भीतर ही जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला का तबादला कर दिया जाना जिले में चर्चा और भावनाओं का बड़ा विषय बन गया है। 22 अप्रैल 2025 को अम्बेडकरनगर की कमान संभालने वाले शुक्ला को 20 अप्रैल 2026 को गाजीपुर जिलाधिकारी पद पर भेज दिया गया—यानी कार्यकाल एक वर्ष भी पूरा नहीं हो सका।
अपने छोटे लेकिन प्रभावशाली कार्यकाल में अनुपम शुक्ला ने खुद को एक तेजतर्रार और ईमानदार अफसर के रूप में स्थापित किया। “जनता दर्शन” के माध्यम से पीड़ितों की सीधी सुनवाई और त्वरित कार्रवाई ने उन्हें आमजन के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। कई मामलों में उनकी सख्ती और पारदर्शिता ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा मजबूत किया।
स्थानांतरण के उपलक्ष्य में 21 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं से भरा रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके नेतृत्व, कार्यशैली और विकास कार्यों की जमकर सराहना की। मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल और अपर पुलिस अधीक्षक श्यामदेव समेत तमाम अधिकारियों ने उन्हें एक प्रेरणादायी प्रशासक बताया।

वक्ताओं ने कहा कि शुक्ला के कार्यकाल में न केवल प्रशासनिक गति बढ़ी, बल्कि विकास कार्यों को नई दिशा भी मिली। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़मीन तक पहुंचाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
विदाई के क्षणों में अनुपम शुक्ला ने भी सभी का आभार जताते हुए कहा कि अम्बेडकरनगर से मिला स्नेह और विश्वास उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा।
अब सवाल यही है—इतने प्रभावी और लोकप्रिय अधिकारी का इतना जल्द तबादला आखिर क्यों? यह चर्चा जिले के हर कोने में जारी है हालांकि 2016 बैच की आईएएस ईशा प्रिया को जनपद के मुखिया बनाया गया है और चर्चा है कि ईशा प्रिया भी ईमानदार व तेज़तर्रार आईएएस ऑफ़सरों में गिनी जाती हैं।








