अम्बेडकरनगर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो ग्राम पंचायतों में बड़ी कार्रवाई की है जिससे ग्राम प्रधानों में हड़कम्प मच गया है।
विकास खण्ड टाण्डा के ग्राम पंचायत फरीदपुर कुतुब के शिकायतकर्ता इरशाद आलम के शपथपत्र के आधार पर हुई जांच में ग्राम प्रधान मो. अनीस दोषी पाए गए। जांच में सामने आया कि विकास कार्यों में अपने भाई की फर्म से सामग्री आपूर्ति कराई गई, जो शासनादेश के स्पष्ट उल्लंघन में है। इस पर उ.प्र. पंचायतराज अधिनियम की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान की प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
इसी क्रम में विकास खण्ड अकबरपुर ग्राम पंचायत सिकरोहर में मनरेगा कार्यों की जांच में गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। प्रारम्भिक जांच के बाद अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से कराई गई अंतिम जांच में शासकीय धन के दुरुपयोग का प्रयास और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सिद्ध होने पर, सुनवाई के उपरान्त रेखा देवी, ग्राम प्रधान सिकरोहर को पदच्युत कर दिया गया।
प्रशासन का साफ संदेश: सरकारी धन में गड़बड़ी और पद का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के कड़े कदम से ग्राम प्रधानों में हड़कम्प मच गया है।








