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उर्दू भाषा के प्रचार प्रसार में अहम किरदार अदा कर रहा है कौमी उर्दू तहरीक फाउंडेशन : गुलाम दस्तगीर

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अम्बेडकरनगर: उर्दू भाषा के प्रचार प्रसार की ज़िम्मेदारी निभा रही संस्था कौमी उर्दू तहरीक फाउंडेशन के तत्वाधान में टाण्डा नगर के नैपुरा में स्थित गुलाम दस्तगीर के आवास पर रविवार रात्रि में भव्य नातिया मुशायरा का आयोजन किया गया।

उक्त कार्यक्रम प्रसिद्ध शायर अनस मसरूर अंसारी की अध्यक्षता एवं सितारे उर्दू अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान के संचालन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कारी मसीहुज्जमा के तिलावते कुरआन पाक से हुआ।

समाजसेवी ग़ुलाम दस्तगीर अंसारी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि कौमी उर्दू तहरीक फाउंडेशन ने अदबी व तालीमी मुहिम को फरोग देने के लिए अनस मसरूर अंसारी टांडा की सरजमीं पर अहम किरदार अदा कर रहे हैं। तालीम से ही मुल्क की तरक्की मुमकिन है। संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष अनस मसरूर अंसारी ने कहा कि आज की यह महफिल बहुत ही शानदार रही, क्योंकि नौजवान शायरों ने इसमें बढ़-चढ़कर शिरकत की। और अपने कलाम से अपने इल्म व फन का लोहा मनवाया।शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि नात ए पाक लिखना कोई आसान काम नहीं है। जिस शायर का सीरत ए नबवी का जितना ज्यादा मुताला होगा तो, वह उतना ही खूबसूरत अंदाज से नातिया कलाम पेश कर सकता है।

क्योंकि मोहम्मद साहब की तालीम हम लोगों के लिए सही रास्ता दिखाने का काम करती हैं।संयोजक रहबर टांडवी जुन्नूरैन और मोहम्मद आमिर ने हाजिरीन महफिल का शुक्रिया अदा किया।नातिया मुशायरा में अहमद सईद टांडवी ने शेर पढ़ा कलम उठाता हूं लिखने को जब भी नाते रसूल,अदब में कांपने लगता है कागजात का दिल। इंसाफ टांडवी ने कहा आपको बेशक बुलाया है खुदा को अपने पास, आप ही वाहिद मकीन ला मकां हैं मुस्तफा‌। कमर जीलानी टांडवी ने कहा यह जिंदगी भी कोई कमर जिंदगी नहीं, जिसमें न हो नबी की इताअत का सिलसिला‌। आफताब आतिफ टांडवी ने कहा यह जिस्म क्या है कुछ भी नहीं जान के बगैर, बेजान है यह जान भी ईमान के बगैर। अवैस फना टांडवी ने कहा क्यों न वह इल्म के समंदर हों, मौला हैदर से खूनी रिश्ता है‌। तालिब रहमानी टांडवी ने कहा उजाला साथ लेकर हर जगह अख्तर नहीं जाता, मगर मेरे नबी का नूर किसके घर नहीं जाता। शाहिद शादानी टांडवी ने कहा जिनमें सरकार के किरदार नजर आते हैं, वह भी जन्नत के हकदार नजर आते हैं। आखिर में 50 से अधिक किताबों के मुसन्निफ़ व शायर अनस मसरूर अंसारी ने नसीहत आमेज शायरी से लोगों का दिल जीत लिया।इसके अलावा शाह मोहम्मद एडवोकेट, मतलूब टांडवी,जुन्नूरैन टांडवी, अबूसाद,शादाब अख्तर,मो.कामिल, जमील अहमद, जिया कामली, रहबर टांडवी, शाहिद शादानी,असलम टांडवी, मो.रईस, मो.हसन नूरी टांडवी,मकसूम, इम्तियाज अर्शी टांडवी,रहमत मंजरी,वजदानी आतिफ व अन्य शायरों व नात ख्वां ने नातिया कलाम पेश किया।

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