खेत-खलिहान से घरों तक फैला खौफ,
तेंदुए के हमले में कई ग्रामीण व वनकर्मी घायल
अम्बेडकरनगर: दो जनपदों की सीमा पर उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब जाल में फंसा एक तेंदुआ उसे फाड़कर फरार हो गया। जंगल से सटे गांवों में चीख-पुकार, भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया। खेत-खलिहान से लेकर पगडंडियों तक तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। करीब पांच घंटे तक पूरा इलाका खौफ के साये में रहा।
घटना सुल्तानपुर जनपद के कुंदा भैरोपुर क्षेत्र की है। रात्रि ग्रामीणों ने नदी किनारे जंगली सूअर पकड़ने के लिए जाल लगाया था, जिसमें तेंदुआ फंस गया। सुबह जाल में तेंदुआ दिखते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
वन विभाग द्वारा तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने की तैयारी चल ही रही थी कि अचानक उसने जाल फाड़ दिया और खेतों व जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। तेंदुए के फरार होते ही आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों के दरवाजे बंद कर दुबक गए, बच्चों और महिलाओं में दहशत फैल गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों जनपदों के सीमावर्ती थानों की पुलिस और वन विभाग की टीमों ने इलाके को घेरकर संयुक्त सर्च व रेस्क्यू अभियान शुरू किया। खेतों, झाड़ियों और नदी किनारे घंटों चली तलाशी के बाद नेमपुर के पास तेंदुए को घेर लिया गया। काफी मशक्कत के बाद उसे बेहोश कर काबू में लिया गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के दौरान तेंदुए के हमले में कई लोग घायल हो गए। महेशपुर नेमपुर निवासी इंद्रेश निषाद गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें सीएचसी जलालपुर से जिला अस्पताल रेफर किया गया। अजय निषाद, श्यामलाल निषाद और धवरूवा पेंदिया निवासी लालजी यादव भी तेंदुए के हमले में जख्मी हुए। रेस्क्यू में जुटे वनकर्मी श्याम नारायण सिंह को गर्दन के पास पंजा लगने से चोट आई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दोबारा ड्यूटी पर लगाया गया।
तेंदुए के काबू में आने के बाद क्षेत्र में फैली दहशत कुछ कम हुई, लेकिन ग्रामीणों के चेहरों पर भय अब भी साफ नजर आया।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी स्नेह कुमार ने बताया कि गोरखपुर से आई पशु चिकित्सा टीम ने तेंदुए का प्राथमिक उपचार किया है। तेंदुआ सुरक्षित है और उसे गोरखपुर चिड़ियाघर भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।




