पुलिस बुलाने तक पहुंचा मामला, अधिवक्ता भी हुए लामबंद
अम्बेडकरनगर: टाण्डा तहसील उस समय बवाल का केंद्र बन गया जब तहसीलदार निखिलेश सिंह और रिटायर तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा के बीच कथित तौर पर लूज़ टॉक और तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि तहसीलदार निखिलेश सिंह को पुलिस बुलानी पड़ी, जिससे तहसील में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रिटायर तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा, जो कि जिला पंचायत अध्यक्ष साधु वर्मा के भाई बताए जा रहे हैं, अपने व्यक्तिगत कार्य से तहसीलदार निखिलेश सिंह से मिलने तहसील पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई।
विवाद की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में मौजूद लोग इकट्ठा हो गए। हालात बिगड़ते देख तहसीलदार ने टाण्डा कोतवाली पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और रिटायर्ड तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा को थाना पर ले आई।
इधर, इस घटनाक्रम के अलावा भी तहसीलदार निखिलेश सिंह के खिलाफ अधिवक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील में पहले से ही तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर असंतोष बना हुआ है,।
घटना के बाद टाण्डा कोतवाली में भारी जमावड़ा देखने को मिला। माहौल में गहमागहमी और तनाव बना रहा। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर दिए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी थी हालांकि दोनों तरफ से तहरीर देने की चर्चाएं है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है, वहीं तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली और तहसील के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




