अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक 09 वर्षीय बालक चिथरू लावारिश हालत में घूमता हुआ मिला, जिसकी सूचना मिलते ही टाण्डा पुलिस सक्रिय हो गई। बच्चे के डर और घबराहट को देखते हुए पुलिस ने पहले उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर शांत कराया और पानी-खाना उपलब्ध कराया।
थाना टाण्डा पुलिस टीम ने सराहनीय संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे से परिवार के बारे में जानकारी जुटाई और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ शुरू की। कई घंटे की खोजबीन और पड़ताल के बाद पुलिस को उसके परिजनों का पता चला। तत्पश्चात चिथरू को सुरक्षित रूप से उसके परिवारजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
टाण्डा कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि कांस्टेबल श्यामा गुप्ता के अथक प्रयास से बालक को उसके परिजनों से मिलवाय जा सका।
बालक के पिता धर्मेन्द्र लोना मूल रूप से सरायमीर जनपद आजमगढ़ के रहने वाले हैं और गाँव गनब घूम कर अपने परिवार के साथ काम करते हैं।
मंगलवार को हीरापुर से टाण्डा की तरफ आते समय उनका बेटा चिथरू अपनी छोटी साइकिल से आगे निकल कर टाण्डा नगर में पहुंच गया। परिजन ग्रामीण क्षेत्रों में तलाश कर रहे थे जबकि नयन तारा चौराहा पर बच्चे को रोते हुए समाजसेवियों ने देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दिया और पुलिस ने तीन घण्टो के प्रयास के बाद उसके परिजनों की तलाश कर बच्चे को उसकी माँ से मिलाने में सराहनीय योगदान दिया।स्थानीय लोगों और बालक के परिजनों ने टाण्डा पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से बड़ी परेशानी टल गई। पुलिस प्रशासन ने भी अपील की है कि ऐसे मामलों में किसी भी लावारिश या खोए हुए बच्चे की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
टाण्डा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता एक उदाहरण है कि पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण कार्य भी है।




