अम्बेडकरनगर: जलालपुर में स्थित तमसा नदी के संरक्षण को लेकर एक ओर जहां प्रशासन और जन प्रतिनिधियों द्वारा अतिक्रमण हटाने की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर इसी नदी के तट पर नगर क्षेत्र समेत आसपास के क्षेत्रों से लगातार टूटे हुए मकानों का मलबा और मिट्टी फेंकी जा रही है। इससे नदी की प्राकृतिक धारा और अस्तित्व को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जहां अवैध कब्जों पर दिखावटी कार्यवाही की जा रही है, वहीं नदी के किनारे मलबा डालने जैसी गंभीर समस्या पर आंखें मूंद ली गई हैं। नगर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों से लाकर ट्रैक्टरों द्वारा मलबा और मिट्टी नदी के किनारे गिराई जा रही है, जिससे न सिर्फ नदी की चौड़ाई सिकुड़ रही है, बल्कि जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है।
तमसा ट्रस्ट की अध्यक्ष समेत अनेक सामाजिक संगठनों ने इस गंभीर मामले पर आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि नदी में मलबा डालना न केवल पर्यावरणीय अपराध है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के जल संसाधन को भी संकट में डालने जैसा कृत्य है। तमसा ट्रस्ट और अन्य संगठनों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा इसकी जानकारी दी गई है जल्द ही आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर तमसा नदी के किनारे गिराए गए मलवे को हटाया जाएगा।




