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एक तरफ रिहायसी भवनों पर बुल्डोजर तो दूसरी तरफ तालाबों पर धड़ल्ले से कब्जा जारी, प्रशासन मूकदर्शक

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अम्बेडकरनगर: एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट व सरकार के निर्देशों के अनुपालन में जलालपुर राजस्व प्रशासन सरकारी जमीनों, तालाबों, चारागाहों और तमसा नदी के तट को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पूर्व में बने रिहायसी भवनों पर बुल्डोजर चलाने में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर जलालपुर नगर क्षेत्र में भूमाफिया प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं।


ताजा मामला जलालपुर-मालीपुर रोड स्थित ब्रह्मलोक मंदिर के सामने का है, जहां बीती रात सैकड़ों ट्राली मिट्टी डंप कर तालाब की जमीन को समतल कर दिया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस जमीन पर प्लाटरों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग कर करोड़ों रुपये की कमाई के इरादे से जमीन का सौदा कर रहे हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2022 में भी इसी तालाब की भूमि पर बड़े पैमाने पर मिट्टी पटाई कर प्लाटिंग का प्रयास किया गया था। उस समय तत्कालीन उपजिलाधिकारी की सख्ती के बाद कार्य को रोका गया था, लेकिन तब डाली गई मिट्टी को समतल कर तालाब के अस्तित्व को लगभग मिटा दिया गया। अब एक बार फिर भूमाफियाओं ने उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए रातों-रात ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी गिराना शुरू कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस खुलेआम हो रही अवैध गतिविधि के बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है।
जब इस संबंध में हल्का लेखपाल सुमित यादव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मिट्टी गिरने की प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया गया है।
वहीं उप जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने कहा मामले की जांच की जा रही है, और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि राजस्व प्रशासन तालाब की इस ऐतिहासिक भूमि को बचाने में कितनी सक्रियता दिखाता है या फिर यह कार्रवाई भी पूर्व की तरह कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगी।

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