अम्बेडकरनगर: जब संसाधनों की कमी सपनों के रास्ते में दीवार बन जाए, तब शिक्षा ही वह हथियार है जो हर बाधा को तोड़ देती है। इसी सोच को ज़मीन पर उतारते हुए परवाज़ कोचिंग एंड गाइडेंस सेंटर ने ‘सौदागर मेमोरियल स्कॉलरशिप 2026’ की घोषणा की है। यह छात्रवृत्ति स्वर्गीय हाजी मोहम्मद अजहर सौदागर की स्मृति में समर्पित है, जिन्होंने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत माना।

इस योजना का मक़सद साफ़ है—आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को यह एहसास दिलाना कि उनकी मेहनत और काबिलियत, हालात से बड़ी है। संस्था का मानना है कि अगर सही समय पर सहारा मिल जाए, तो एक साधारण छात्र भी असाधारण मुकाम हासिल कर सकता है।
छात्रवृत्ति के अंतर्गत एक चयनित छात्र को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जिससे वह कॉलेज में प्रवेश लेकर अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकेगा। यह मदद केवल आर्थिक नहीं, बल्कि उस भरोसे का संदेश है जो समाज अपने होनहार बच्चों पर जताता है।
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता तय करते हुए स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थी टांडा क्षेत्र में जन्मा व पला-बढ़ा हो, आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार से संबंधित हो तथा 10वीं कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। साथ ही, छात्र में आगे पढ़कर बेहतर भविष्य गढ़ने की स्पष्ट चाह होना अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया के तहत छात्र परवाज़ कोचिंग एंड गाइडेंस सेंटर से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। 01 फरवरी से आवेदन फार्म भरा जा रहा है, जो आगामी 28 फरवरी से पूर्व जमा करना होगा। इसके बाद लिखित परीक्षा और माता-पिता के साथ साक्षात्कार के जरिए अंतिम चयन किया जाएगा। चयनित छात्र को सेंटर के वार्षिक समारोह में छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। परीक्षा में दूसरे व तीसरे स्थान लार आने वालों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसी पहलें समाज को यह संदेश देती हैं कि किस्मत नहीं, काबिलियत तय करेगी भविष्य। ‘सौदागर मेमोरियल स्कॉलरशिप’ को क्षेत्र में शिक्षा के प्रति नई उम्मीद जगाने वाली एक सशक्त पहल माना जा रहा है।




