अम्बेडकरनगर: पवित्र माह में रोजदारों को इफ्तारी करना बड़ा पूण्य माना जाता है। टाण्डा के ग्राम आसोपुर में संचालित ए.एम आई एन्ड मैटरनिटी हॉस्पिटल में डॉक्टर अतीक आलम व उनकी पत्नी डॉक्टर मोहसिना खातून द्वारा पूर्व वर्षों की तरह भव्य रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होकर क्षेत्र व देश की खुशहाली की दुआएं मांगी गई।
बताते चलेंकि इस्लाम धर्म के पांच मुख्य मूल स्तम्भ हैं जिसमें पवित्र माह रमज़ान में रोजा रखना भी शामिल है। रोजा अर्थात भोर होने से पूर्व की अज़ान फजर से पहले खाना पीना बन्द कर अल्लाह की इबादत करना एवं सूरज डूबने के बाद होने वाली नमाज़ मगरिब के समय कुछ भी खाना पीना होता है। रोजा रखने वाले को रोजदार तथा रोजा खोलने के समान को इफ्तारी कहा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि रोज़ा इफ्तारी कराने वाले को भी रोजदार कितना सवाब मिलता है जिसके कारण बहुयात लोग पारिवारिक, व्यक्तिगत, मित्रवत इफ्तारी कराते हैं तथा काफी लोग सामूहिक इफ्तारी कराते हैं जिसमें मुस्लिम समुदाय के अलावा अन्य धर्मों के लोग भी बिना भेदभाव शामिल होकर एक साथ बैठकर इफ्तारी करते हैं।
बहरहाल रमज़ान माह के अंतिम 10-15 दिनों मर समुहिक इफ्तार पार्टी का आयोजन बढ़ जाता है जिससे आपसी एकता व सौहार्द को काफी बल मिलता है।





