अम्बेडकरनगर: स्वास्थ विभाग के तमाम दावों के बावजूद निजी अस्पतालों में डाक्टरों की लापरवाही से प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमाने का नाम नहीं ले रहा है। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसूता को मौत से हंगामा शुरू हो गया। प्रसूता के मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने लोगों को समझा-बुझा कर शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली पहुंच मृतिका के पति की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दिया है।
मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के रामगढ़ रोड स्थित अयोध्या हॉस्पिटल का है। पीड़ित संजय कुमार निवासी कंजा इस्माइलपुर थाना जलालपुर ने पुलिस को लिखित शिकायती पत्र देते हुए बताया कि शनिवार की दोपहर लगभग बारह बजे अपनी पत्नी गुंजन को आसीपुर स्थित अयोध्या हस्पिटल में प्रसव हेतु भर्ती कराया था। जहां दोपहर ढाई बजे ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ जो जच्चा बच्चा पूरी तरह स्वास्थ थे। जिसके बाद पहले से तय पचास हजार की रकम को इकट्ठा करके चिकित्सक को दे दिया। रात करीब दस बजे प्रसूता की तबीयत खराब होने लगी, जिसकी जानकारी अस्पताल कर्मियों से की गई परंतु अस्पताल कर्मियों ने नजर अंदाज कर दिया। जब प्रसूता की तबीयत काफी खराब होने लगी तो अस्पताल में तैनात एक कर्मी ने इंजेक्शन लगाया जिसके पांच मिनट के बाद प्रसूता के मुख से गज्ज़ा निकलने लगा। जिसे देख पास में बैठे परिजनों के होश उड़ गए। थोड़ी देर बाद उसी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में हंगामा मच गया। जिसे देख डाक्टर ने बाद अपने निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से जवाब मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ले गए। लेकिन वहां भी डाक्टरों द्वारा जवाब मिल गया। डॉक्टर राजेश कुमार यादव परिजनों को वहीं छोड़कर भागने लगा तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। हंगामा देख डॉक्टर ने अपनी गाड़ी से सबको अपने अस्पताल जलालपुर ले आया। जिसके बाद अस्पताल संचालक व कर्मचारी अस्पताल के पीछे के दरवाजे से निकलकर ताला बंद कर फरार हो गये। संचालक के फरार होने पर लोग हंगामा करना शुरू कर दिए।

सूचना पर दल बल के साथ पहुंचे जलालपुर कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने शव को थाने ले आयी और परिजनों को समझा – बुझा कर शव पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के विरुद्ध विभिन्न धारा में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दिया। सुबह लगभग नौ बजे जलालपुर उप जिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉक्टर रामानंद सिद्धार्थ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी, चीफ फार्मासिस्ट मनोज कुमार यादव कानून को शिव पूजन हल्का लेखपाल अजय कुमार यादव सहित पीड़ित परिजनों के मौजूदगी में अस्पताल को विधि कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया। इस दौरान एडिशनल सीएमओ रामानंद सिद्धार्थ ने बताया कि लगातार हो रहे की मौत पर स्वास्थ्य महात्मा इस तरह की दुर्घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है जिन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पुलिस उपाधीक्षक पूर्वी श्यामदेव ने बताया कि किसी भी अनहोनी को लेकर पुलिस सक्रिय मौके पर शांत व्यवस्था कायम है।
फिलहाल लगातार स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते प्रसुताओं की मौत जारी है और जिला प्रशासन का मूक दर्शक बने रहना प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि नगर में दर्जन भर से अधिक फर्जी अस्पताल चल रहे हैं लेकिन विभाग मौन है जिसके चलते आए दिन प्रसुताओं की मौत हो रही है लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।





