अम्बेडकरनगर: केंद्र व प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर गरीब को पक्का मकान मुहैया कराना है, वह स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और पक्षपात का शिकार हो रही है। जलालपुर तहसील क्षेत्र के नेमपुर गांव की रहने वाली शशिकला नामक महिला ने इसी तरह की अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़िता शशिकला का कहना है कि उसने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवेदन किया था, जिसके बाद उसका नाम चयनित सूची में दर्ज था। लेकिन हाल ही में जब पात्रता की जांच के लिए कर्मचारी गांव में पहुंचे, तो ग्राम प्रधान की मिलीभगत से उसका नाम सूची से गायब कर दिया गया और उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। शशिकला ने आरोप लगाया कि गांव में जिन लोगों के पास पहले से ही पक्के मकान, ट्रैक्टर और बड़ी जोत की खेती है, उन्हें योजना का लाभ दे दिया गया है। वहीं वह खुद आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। ब्लॉक और अधिकारियों के चक्कर काट रही महिला ने यह भी बताया कि उसकी पाटीदार को पहले से बने पक्के मकान को दिखाकर आवास स्वीकृत कर दिया गया है। पीड़िता ने प्रशासन से जांच कराकर पात्र व्यक्ति को ही आवास योजना का लाभ देने की मांग की हैं।इस संबंध में ग्राम सचिव अशोक कुमार बताया कि न तो मेरे द्वारा सूची बनाई गई है और न ही इनका नाम सूची से विलोपित किया गया है। इसकी पूरी जांच अन्य विभाग द्वारा की गई है महिला के पास पहले से पक्का मकान है।




