अम्बेडकरनगर: टीबी की दवा ना मिलने से मरीजों में बेचैनी व आक्रोश बढ़ गई है क्योंकि एक खुराक ना खाने से पूरा कोर्स बेकार हो जाता है। एसडीएम से लिखित गोहार लगाकर टीबी की दवा की डिमांड पूरी करने की मांग की गई है।
मामला टाण्डा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है जहां टीबी की दवा ना होने से क्षय रोग विभाग मूकदर्शक की श्रेणी में पहुंच गया है। स्वास्थ सम्बन्धित जानकारों के अनुसार टीबी एक गंभीर, संक्रामक और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और जानलेवा हो सकती है इसलिए इसके इलाज का विधिवत कोर्स करना जरूरी होता है और कोर्स के दौरान एक दिन भी दवा ना खाने से पूरा कोर्स बेकार हो जाता है। टाण्डा सीएचसी में टीबी की दवा ना होने की शिकायत नगर पालिका परिषद टाण्डा के वार्ड संख्या 07 काजीपुरा की सभासद साजिया खातून पति मो.शाहिद ने उप जिलाधिकारी टाण्डा से लिखित शिकायत करते हुए टीबी के मरीजों को राहत दिलाने की मांग किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार टाण्डा सीएचसी में होली पर्व से टीबी की दवा उपलब्ध नहीं है हालांकि क्षय रोग विभाग का दावा है कि सीएमओ को कई बार शिकायत किया जा चुका है लेकिन दवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।






