अम्बेडकरनगर: शासन की मंशा के विपरीत ठण्ड तेज़ होने के बावजूद टाण्डा नगर पालिका परिक्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं शुरू हो सकी है। शुक्रवार को मात्र तीन चार स्थानों पर सांकेतिक अलाव की व्यवस्था कर नगर पालिका प्रशासन ने स्वयं की पीठ थपथपाने का काम किया लेकिन वास्तविक रूप से सार्वजनिक स्थानों पर फिलहाल शनिवार को अलाव जलता नहीं नज़र आया हालांकि नगर पालिका का दावा है कि शनिवार को भी कई स्थानों पर अलाव जलाने का काम शुरू हुआ है। 
औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा को जनपद की मैनचेस्टर सिटी माना जाता है। टाण्डा नगर क्षेत्र में देर रात्रि तक आवागमन जारी रहता है क्योंकि बुनाई पेशा से जुड़े लोग दिन रात काम करते हैं। कपड़ा उद्योग के लिए देश में प्रसिद्ध टाण्डा नगरी के कारण “एक जनपद एक उत्पाद” के तहत शासन ने कपड़ा उत्पादन को चयनित किया गया है। टाण्डा नगर पालिका मंडल की ए श्रेणी की नगर पालिका में आती है और प्रत्येक वर्ष दिसम्बर की शुरुआत से ही दर्जनों सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा की जाती थी लेकिन इस बाद अलाव की लकड़ी के टेंडर की प्रक्रिया काफी विलम्ब से किया और निर्धारित तिथि पर टेंडर ओपन भी नहीं किया जा सका जिसके कारण टाण्डा नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं हो सकी है। सार्वजनिक अलाव की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों के साथ मज़दूरों व राहगीरों में आक्रोश व्याप्त है।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं हुई अलाव की व्यवस्था, टेण्डर प्रक्रिया में उलझा प्रशासन


