अम्बेडकरनगर: घरेलू गैस की कालाबाजारी का बड़ा आरोप लगाकर प्रशासन को हिलाने की कोशिश आखिरकार फुस्स साबित हुई। छापेमारी में सच्चाई सामने आई तो पूरा मामला झूठ और रंजिश का निकला।ग्राम हंसवर, थाना हंसवर, तहसील टाण्डा निवासी फुरकान पुत्र मुख्तार ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही मोहम्मद मुजीब पुत्र मोहिउद्दीन अवैध रूप से भारत गैस और इंडेन गैस के सिलेंडरों का भंडारण कर रहे हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि सिलेंडर उनके मामा मोहम्मद फाजिल के घर पर भी छिपाकर रखे गए हैं।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए टाण्डा एसडीएम डॉ. शशिशेखर ने पुलिस बल के साथ मौके पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। लेकिन जब जांच हुई तो पूरा मामला उल्टा निकल गया—न तो कहीं अवैध सिलेंडर मिला और न ही कालाबाजारी का कोई सबूत।
एसडीएम डॉ. शशिशेखर ने साफ कहा कि शिकायत पूरी तरह फर्जी है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का लग रहा है।
इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रशासन को गुमराह करने की इस कोशिश पर क्या कार्रवाई होगी? स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि झूठी शिकायतों के कारण प्रशासन का समय और संसाधन दोनों बर्बाद होते हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहम्मद मुजीब पुत्र मोहिउद्दीन अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की काला बाजारी करता है लेकिन छापेमारी से पहले ही उसको सूचना मिल गई जिसके कर्म प्रसाशन खाली हाथ रहा।








