अम्बेडकरनगर: रमज़ानुल मुबारक के आखिरी जुमे (अलविदा) के अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय ने बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ नमाज़ अदा की। जलालपुर नगर क्षेत्र के सराय चौक स्थित रौजा-ए-हजरत कासिम, उर्दू बाजार, नगपुर सहित कई मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे इलाके में इबादत का माहौल रहा।
जलालपुर में विशेष रूप से सराय चौक स्थित रौजा-ए-हजरत कासिम मस्जिद में शिया समुदाय के लोगों ने नमाज़ के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। यह विरोध वैश्विक स्तर पर मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ जताया गया। काजीपुरा स्थित आला हज़रत मस्जिद में मौलाना हबीबुर्रहमान नूरी की अगुवाई में नमाज़ अदा की गई, जबकि रौजा-ए-हजरत कासिम में मौलाना रहबर रज़ा सुल्तानी ने नमाज़ पढ़ाई। मदीना मस्जिद में कारी गयासुद्दीन और उर्दू बाजार जामा मस्जिद में मौलाना नजीबुल्लाह ने इमामत की।
वहीं अकबरपुर के मीरानपुर स्थित शिया जामा मस्जिद में भी अलविदा जुमे की नमाज़ सैकड़ों अकीदतमंदों की मौजूदगी में अदा की गई। पेश इमाम मौलाना अकबर अली वायज़ ने नमाज़ की इमामत कराई और अपने खुत्बे में रमज़ान के पैगाम—सब्र, भाईचारा और इंसानियत—को अपनाने की अपील की। उन्होंने मुल्क की तरक्की, कौमी एकता और पूरी दुनिया में अमन-ओ-शांति के लिए खास दुआ कराई।
यहां भी अकीदतमंदों ने काली पट्टी बांधकर वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया और शांति का संदेश दिया। नमाज़ के बाद लोगों ने समाज में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस वर्ष रमज़ान में पाँच जुमों का विशेष संयोग होने से अकीदतमंदों में खास उत्साह देखने को मिला। ईद की नमाज़ शनिवार को निर्धारित समय पर अदा की जाएगी।
अलविदा जुमे की नमाज़ को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। विभिन्न मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्राधिकारी, उप जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनी रही।








