अम्बेडकरनगर: सामाजिक रीति रिवाजों के खिलाफ आवाज़ बुलन्द कर शिक्षा व व्यापार की तरफ ध्यान आकर्षित कराते हुए मो.एबाद का अभियान अनवरत जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चौपाल लगा कर आमजनों का ध्यान शिक्षा व व्यापार की तरफ करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मो.एबाद बेजा रस्म व रिवाजों को बंद करने का आह्वान कर रहे हैं।
मो.एबाद द्वारा जहां गुरुवार को अरसावां, खासपुर, लालपुर, दरियापुर, फरीदपुर व ममरेजपुर में बैठक कर आमजनों को जागरूक करने का प्रयास किया वहीं शुक्रवार को अर्खापुर, आसोपुर नई बस्ती, रायपुर, गोकुला, त्रिलोकपुर दौलतपुर में सामाजिक उत्थान के लिए चौपाल लगाई गई।
अरसावां गाँव मे गुलाम पंजतन के आवास पर बैठक करते हुए श्री एबाद ने कहा कि जिस तरह से पूरी दुनिया तरक्की कर रही है उस हिसाब से हम लोग पीछे जा रहे हैं और उसका कारण है कि हम शिक्षा व व्यापार में काफी पिछड़ चुके हैं।शिक्षा व व्यापार समाप्त होने से हमारी कौम का सामाजिक पतन हो रहा है इसलिए अब हमें शिक्षा व व्यापार को अनिवार्य करने की आवश्यकता है। श्री एबाद ने कहा कि अपने साथ पूरी कौम व इंसानियत का दर्द लेकर आया हूँ और अपील करता हूँ कि समाज में नासूर बन चुकी जबरन व बेजा रस्म व रिवाज को हटाया जाए तथा अपने बच्चों में शिक्षा को इतना मजबूत किया जाए कि वो आगे चलकर उच्च पद पर आसीन हो कर। कौम व समाज की सेवा कर सके।
बताते चलेंकि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के अतिकारीबी माने जाने व युवाओ को प्रेणा देने वाले सम्मनपुर थानाक्षेत्र के कटघर कमाल निवासी मोहम्मद एबाद द्वारा पदमार्च के सहारे जनपद के गाँव गाँव में जाकर सामाजिक उत्थान के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत मो.एबाद शिक्षा व व्यापार पर ज़ोर देते हुए समाज मे फैली बेज़ा रस्म व रिवाज को समाप्त करने का आह्वान कर रहे हैं।
अरसावां गाँव में सम्पन्न हुई चौपाल के दौरान मुख्य रूप से मीसम, सुलेमान, कमाल, अली रिज़वी, हुसैनी, साहिल, जुर्गाम, नुरुल, अजादार हुसैन, जिल्ले हसन, साहिल अब्बास आदि मौजूद रहे।





