अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील परिसर में बीते 6 फरवरी से चल रहा बार काउंसिल का कार्य बहिष्कार आखिरकार आपसी संवाद और सामंजस्य से समाप्त हो गया। अधिवक्ता भवन में हुई तीन घंटे चली लंबी बैठक के बाद अधिवक्ताओं और उपजिलाधिकारी के बीच सहमति बन गई, जिसके पश्चात न्यायिक कार्य पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बार काउंसिल जलालपुर अधिवक्ताओं ने अधिवक्ताओं के सम्मान में कमी, वादियों की फाइलों में अनियमितता, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों, पत्रावलियों के लंबित निस्तारण तथा आदेश पारित करने में हो रही देरी जैसे मुद्दों को लेकर उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्य बहिष्कार की सूचना दी थी। इस पर उपजिलाधिकारी के सुझाव के अनुसार वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की पहल की गई। इसी क्रम में तहसील स्थित अधिवक्ता भवन में बार और बेंच की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता नायब तहसीलदार हरिराम की मौजूदगी में लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक विस्तृत वार्ता चली। बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि फाइलों के रखरखाव में पारदर्शिता, समयबद्ध आदेश और अधिवक्ताओं के सम्मानजनक व्यवहार को सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उपजिलाधिकारी ने चर्चा के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से सुना और व्यवस्थागत कमियों को स्वीकार करते हुए सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने फाइलों के सुव्यवस्थित रखरखाव, पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से कार्य बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया और न्यायिक कार्य सुचारु रूप से पुनः प्रारंभ कर दिया।इस संबंध में बार काउंसिल के अध्यक्ष कृपाशंकर मौर्य ने बताया कि वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और प्रशासन की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद सामंजस्य स्थापित हुआ, जिसके फलस्वरूप गतिरोध समाप्त हो गया। लगातार चले इस विवाद का समाधान संवाद और आपसी समझ से निकलना न्यायिक व्यवस्था के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।








