WhatsApp Icon

डिलीवरी टेबल से अर्थी तक: प्रसव के बाद लापरवाही, कटघरे में महिला चिकित्सालय

Sharing Is Caring:

अम्बेडकरनगर: सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व को लेकर चलाई जा रही योजनाओं और दावों के बीच जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जलालपुर कस्बे के महिला चिकित्सालय में संसाधनों की कमी और कथित चिकित्सकीय लापरवाही के चलते एक नवप्रसूता की मौत का मामला सामने आया है, जबकि दूसरा मामला बसखारी में भी सामने आया है जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।


मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पखरपुर का है। मृतका के पति प्रवेश कुमार के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे प्रसव पीड़ा होने पर उनकी पत्नी को जलालपुर महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। अपराह्न करीब तीन बजे सामान्य प्रसव के बाद एक स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद प्रसूता को समुचित चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार नहीं दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला को यूं ही छोड़ दिया गया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि रेफर करते समय न तो ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई और न ही ग्लूकोज चढ़ाया गया, जिससे महिला की स्थिति और गंभीर हो गई।
परिजनों ने यह भी बताया कि अस्पताल में जांच सुविधाओं और दवाओं की भारी कमी है। अधिकांश जांचें और दवाएं बाहर से मंगवानी पड़ीं। इतना ही नहीं, जन्म के बाद नवजात बच्ची का नियमित टीकाकरण तक नहीं कराया गया, जो अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को दर्शाता है।

दूसरा मामला बसखारी थाना क्षेत्र का है जहाँ बुकिया गांव निवासी 26 वर्षीय महिला की शुक्रवार देर रात डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला पिछले तीन दिनों से नव जीवन हॉस्पिटल में भर्ती थी, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई थी। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई, जिसे अस्पताल के डॉक्टर नियंत्रित नहीं कर सके। बताया जा रहा है कि हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सही उपचार और निगरानी होती तो महिला की जान बच सकती थी।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अन्य खबर

मेडिकल कॉलेज की पहल: लॉ कॉलेज के छात्रों का फ्री हेल्थ चेकअप, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिए जरूरी परामर्श

ग़म-ए-अली में डूबेगा टांडा, विभिन्न स्थानों से बरामद होंगे अकीदतमंदों के जुलूस

गैस पर ‘डबल वार’! पहले महंगा और अब 21 नहीं 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर — प्रशासन बोले कमी नहीं लेकिन भटक रहे हैं उपभोक्ता

error: Content is protected !!

We use cookies for analytics and advertising. By continuing to use this site, you consent to our use of cookies.