अम्बेडकरनगर: एक शादी समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया जब सिंदूरदान के बाद फेरे के दौरान दुल्हन को दूल्हे की विकलांगता का पता चला। सच्चाई सामने आते ही दुल्हन ने मंडप में ही शादी से साफ इंकार कर दिया, जिससे बारात और घराती पक्ष में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा शुरू हो गया।
मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। जानकारी के अनुसार 8 मार्च को क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी जौनपुर जनपद के शाहगंज थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव निवासी सचिन के साथ तय की थी। तय कार्यक्रम के मुताबिक रविवार को बारात गांव पहुंची और पारंपरिक रस्में शुरू हुईं। बारात का स्वागत और शादी की शुरुआती रस्में खुशी के माहौल में संपन्न हो रही थीं।
बताया जाता है कि सिंदूरदान की रस्म पूरी होने के बाद जब मंडप में सात फेरे शुरू हुए, तभी दुल्हन को दूल्हे की विकलांगता के बारे में पता चला। यह बात सामने आते ही दुल्हन ने तत्काल शादी करने से इंकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले से मौके पर मौजूद लोगों में सनसनी फैल गई और दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक विवाद चलता रहा। अंततः सोमवार सुबह दोनों पक्ष जलालपुर कोतवाली पहुंच गए और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की।
कोतवाली में भी काफी देर तक पंचायत और बातचीत का दौर चला। आखिरकार दोनों पक्षों ने आपसी लेन-देन वापस कर समझौता कर लिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए।
इस संबंध में जलालपुर कोतवाल अजय प्रताप ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई। रिश्तेदारों की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।








