अम्बेडकरनगर: इस्लामिक शिक्षा के लिए सुप्रसिद्ध दारुल उलूम मदरसा मंज़र-ए-हक़ टांडा में सालाना जलसा व दस्तारबंदी कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। मदरसा प्रशासन द्वारा जारी दावत-ए-ख़ुसूस में बताया गया है कि यह भव्य धार्मिक व शैक्षणिक कार्यक्रम आगामी दिनों में मदरसा परिसर में आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित उलेमा, मशाइख़ और गणमान्य लोग शिरकत करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य दीनी तालीम के महत्व को उजागर करना, हाफ़िज़ व आलिम बनने वाले छात्रों की हौसला-अफ़ज़ाई करना तथा समाज में इल्म व अमन का पैग़ाम देना है।
मदरसा प्रबन्धक हाजी अशफाक अहमद अंसारी ने बताया कि आगमी 07 फरवरी शनिवार प्रातः 11 बजे दिन में महिलाओं का विशेष जलसा होगा जिसमे सिर्फ महिलाएं ही होंगीं जबकि रात्रि में बाद नमाज़ इशां खत्म बुखारी शरीफ का आयोजन होगा और 08 फरवरी रविवार की को बाद नमाज़ इशां जलसा दस्तारबंदी आयोजित है।
जलसे की अध्यक्षता प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन द्वारा की जाएगी, जबकि कई नामचीन उलेमा-ए-किराम अपने ख़िताब से लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान क़ुरआन-ए-पाक़ की तिलावत, नात-ए-पाक, तक़रीरें और विशेष दुआ का आयोजन होगा। इसके साथ ही मदरसे के उन छात्रों की दस्तारबंदी की जाएगी, जिन्होंने क़ुरआन हिफ़्ज़ और दीनी तालीम के विभिन्न मराहिल पूरे किए हैं। दस्तारबंदी को छात्रों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बताया गया है।
मदरसा इंतज़ामिया कमेटी ने क्षेत्र के तमाम अहले-इल्म, समाजसेवियों और आम जनता से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे जलसों से न सिर्फ़ दीनी माहौल मज़बूत होता है, बल्कि नई नस्ल को शिक्षा और संस्कारों की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है। कार्यक्रम के दौरान आने वाले मेहमानों के लिए माकूल इंतज़ाम किए गए हैं, वहीं अमन-ओ-अमान बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मदरसा प्रशासन को उम्मीद है कि यह सालाना जलसा अपने मक़सद में कामयाब रहेगा और इल्म व इत्तेहाद का पैग़ाम दूर तक पहुंचेगा।




