अम्बेडकनगर: बीते दिनों हापुड़ जनपद में आयोजित जन चौपाल के दौरान एक काश्तकार द्वारा लेखपाल पर अवैध धन वसूली का आरोप लगाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही बिना जांच के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। इससे आहत होकर संबंधित लेखपाल ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना से आक्रोशित उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
इसी क्रम में जलालपुर तहसील परिसर में सोमवार को लेखपाल संघ के उपाध्यक्ष विवेक कुमार के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी पर अफसरशाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, मृतक लेखपाल के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं आश्रित को नौकरी देने की मांग किया।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में कुछ अधिकारी अपनी छवि सुधारने के लिए तहसील दिवस, थाना समाधान दिवस या ग्राम चौपाल जैसे कार्यक्रमों में अधीनस्थ कर्मचारियों को जानबूझकर अपमानित और दंडित कर रहे हैं। इससे कर्मचारी तनाव में आकर कार्य कर रहे हैं, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। साथ ही सरकारी कार्यों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। संघ ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिनमें अधीनस्थ कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक करना अनिवार्य है। लेकिन संबंधित अधिकारी बैठकें करने से कतरा रहे हैं। लेखपाल संघ ने सरकार से मांग की है कि आरोपों की पुष्टि से पहले किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उक्त अवसर पर धर्मेंद्र कुमार सिंह, रविकांत त्रिपाठी, दिनेश कुमार, संतोष कुमार, राम पुजारी सहित दर्जनों लेखपाल मौजूद रहे।




