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गड्ढों में फंसी जिंदगी—विभाग बोला पैसा नहीं, सड़क बनी खतरा!

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अम्बेडकरनगर: सरकार के गड्ढा मुक्त अभियान के दावों के बीच टांडा ब्लॉक के ग्राम सभा महुवारी (डंडवा) की हकीकत पूरी तरह उलट नजर आ रही है। यहां की मुख्य सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि हर दिन हादसे हो रहे हैं और करीब एक हजार की आबादी जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर है।


स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जिम्मेदार विभाग ने ही हाथ खड़े कर दिए। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र चौधरी ने साफ कहा कि “विभाग के पास कोई बजट नहीं है, मरम्मत कैसे हो?”। इस बयान ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया।
शुक्रवार को पूर्व ग्राम प्रधान मायाराम यादव के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने टूटी सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2018 में बनी यह सड़क अब पूरी तरह खंडहर बन चुकी है, लेकिन न जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और न ही विभाग।
ग्रामीण जामवंत यादव ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। शुक्रवार को ही पारसनाथ यादव दुर्घटना का शिकार हो गए। इसके बावजूद शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद से लेकर विभाग तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश भी इस गांव तक नहीं पहुंच पाए।
प्रदर्शन में मायाराम यादव, जामवंत यादव, पारसनाथ यादव, विकास उर्फ रवि, रिप्पू यादव, विवेक कुमार, आशु यादव, आनंद सिंह, मोनू सिंह यादव, राकेश कुमार, सौरभ समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल यही है—जब सड़कें जान ले रही हैं, अधिकारी बजट का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं, तो लगातार हो रही दुर्घटनाओं की अखिर जिम्मेदारी कौन लेगा?

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