मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुधा यादव द्वारा सबसे अधिक 5013 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख इक्यावन हजार दो सौ अस्सी रूपये का अर्थदंड किया आरोपित
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को प्रातः 10.30 बजे से जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष राम सुलीन सिंह की अध्यक्षता में माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चन करके स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष रामायण शर्मा, विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम/नोडल अधिकारी मोहन कुमार की उपस्थिति में एवं अपर जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता की देख-रेख तथा जनपद न्यायालय के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण तथा बार एसोसिएशन के सम्मानित सदस्यगण की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
उक्त क्रम में पुरानी कचहरी अकबरपुर स्थित पारिवारिक न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अनिल कुमार सिंह प्रथम द्वारा माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीपार्चन, पुष्पार्चन एवं माल्यापर्ण करके पारिवारिक न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारीगण की उपस्थिति में कराया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 14 अदालतें लगायी गयी थीं। स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष रामायण शर्मा द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अनिल कुमार सिंह प्रथम द्वारा 25 वैवाहिक एवं पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया।

विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अधिनियम राम बिलास सिंह द्वारा 04 वादों का निस्तारण करते हुए दो हजार रूपये का अर्थदण्ड आरोपित गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मोहन कुमार द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुए एक हजार रूपये का अर्थदण्ड आरोपित गया। अपर जिला जज त्वरित प्रथम सुशील कुमार चतुर्थ द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुए दो हजार पांच सौ रूपये का अर्थदण्ड आरोपित गया। अपर जिला जज त्वरित द्वितीय, परविन्द कुमार द्वारा 73 वाद का निस्तारण करते हुए आठ हजार रूपये का अर्थदण्ड आरोपित किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुधा यादव द्वारा सबसे अधिक 5013 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख इक्यावन हजार दो सौ अस्सी रूपये का अर्थदंड आरोपित किया गया।सिविल जज, (सी०डि०) शैलेश कुमार मौर्य द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज (सी०डि०) श्रीमती ज्योत्सना मणि यदुवंशी द्वारा 1561 वादों का निस्तारण करते हुए दो हजार दो सौ दस रूपये का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। सिविल जज (सी०डि०) त्वरित/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री गार्गी द्वारा कुल 2106 वादों का निस्तारण करते हुए बारह हजार सात सौ साठ रूपये का अर्थदंड आरोपित किया गया एवं चार लाख पचहत्तर हजार रूपये का समझौता पक्षकारों के मध्य कराया गया।6
सिविल जज (जू०डि०) सुश्री मेघा चौधरी, द्वारा कुल 1630 वादों का निस्तारण करते हुए तीन हजार दो सौ साठ रूपये का अर्थदंड आरोपित किया गया एवं दस लाख अडतालिस हजार नौ सौ छियासठ रूपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया।
सिविल जज (जू०डि०) टाण्डा अभिषेक सिंह तृतीय द्वारा कुल 2290 बादों का निस्तारण करते हुए सात हजार रूपये का अर्थदंड आरोपित किया एवं एक लाख पचपन हजार चार सौ छियानवे रूपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा 20 वादों का निस्तारण करते हुए तैंतालिस लाख, दो हजार, नौ सौ पचपन रूपये क्षतिपूर्ति दिलवाई गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायालयों द्वारा कुल 12710 वाद जनपद के राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 16798 राजस्व वाद, विद्युत विभाग के 5009 वाद एवं जनपद के अन्य विभागों द्वारा 14993 वाद, बैंक ऑफ बडौदा, बड़ौदा उ०प्र० ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक सहित जनपद के अन्य बैंकों द्वारा स्टाल लगाकर 642 वाद निस्तारित करते हुए 04 करोड़ 28 लाख 39 हज़ार 85 रुपये का समझौता किया गया जिसमें से 01 करोड़ 38 लाख 40 हज़ार 84 रुपए तत्काल वसूल किया गया। इस प्रकार कुल प्री-लिटिगेशन के 37742 वादों का निस्तारण हुआ। कुल मिलाकर इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 50152 वादों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार दिनांक 10, 11, 12 जुलाई को आयोजित लघु आपराधिक वादों (Petty Offence) की विशेष लोक अदालत में जनपद न्यायालय के समस्त मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 579 बाद नियत करते हुये 204 वाद निस्तारित किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड राजन राठी, अग्रणी जिला प्रबन्धक, बैंक ऑफ बड़ौदा प्रभारी नवनीत पाठक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी शिव कुमार सहित बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता व न्यायालय से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।




