फ़र्ज़ी वरासत दर्ज करने के आरोप में एसडीएम ने लेखपाल को निलम्बित करते हुए कानूनगो के खिलाफ डीएम को भेजी रिपोर्ट
अम्बेडकरनगर: नत्थूपुर खुर्द गाँव में फर्जी दस्तावेज के आधार पर वरासत किए जाने के मामले में उप जिलाधिकारी द्वारा हल्का लेखपाल को निलंबित कर कानून-गो पर कार्यवाही हेतु रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
मामला जलालपुर तहसील व भियांव ब्लाक के नत्थूपुर खुर्द गाँव का है जहां के निवासी हीरालाल ने स्थानीय कटका थाने और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था की उसके पिता की मृत्यु 06 जनवरी 2024 को हुई थी जिसका वारिस होने के नाते दुल्हुपुर गांव स्थित गाटा संख्या 163 का वरासत करने के लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ ऑनलाइन आवेदन किया गया था। जब इसका अवलोकन हुआ तो पहले से ही उसके चाचा के पुत्र सीताराम और मिठाई लाल पुत्र जवाहिर का नाम दर्ज हो चुकी थी। पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई, जिसका संज्ञान में लेते हुए जांच हेतु उपजिलाधिकारी जलालपुर को निर्देशित किया। उपजिलाधिकारी जलालपुर ने उक्त मामले की जाँच तहसीलदार संतोष कुमार को सौंप। तहसीलदार ने तत्कालीन हल्का लेखपाल ओमकार और कानून-गो मायाराम वर्मा से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा जिसमें संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने पर तहसीलदार की जांच रिपोर्ट पर उपजिलाधिकारी सुभाष सिंह ने तत्कालीन लेखपाल ओमकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जबकि कानूनगो मायाराम वर्मा के विरुद्ध विधिक कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर दिया गया है।
इस संबंध में जलालपुर उपजिलाधिकारी सुभाष सिंह में बताया कि मामले की जांच में प्रथम दृष्टया कानूनगो मायाराम वर्मा और तत्कालीन लेखपाल ओमकार दोषी पाया गया है जिन पर कार्यवाही करते हुए लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है तथा कानूनगो के खिलाफ कार्यवाही हेतु जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है।





