07 वर्ष से किडनी की थी समस्या, दो डायलिसिस होने के बाद हुई थी मृत्यु, मायके वालों ने लगाया था हत्या का आरोप
अम्बेडकरनगर: टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के बिहरोजपुर गाँव की कब्रिस्तान से गुरुवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तीन माह पुराना शव निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतिका नाजरीन बानो पुत्री ज़हूर अहमद निवासी शाहगंज जौनपुर का विवाह 12 वर्ष पूर्व टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के बिहरोजपुर निवासी सलमान शेख पुत्र वसी अहमद के साथ हुआ था। सलमान शेख व मृतिका नाजरीन से दो पुत्रियों ने जन्म लिया। गत 07 वर्ष पूर्व मृतिका का स्वास्थ्य काफी खराब हो गया जिसकी जांच के बाद पता चला कि किडनी की गंभीर समस्या है। पति सलमान का दावा है कि सरकारी व प्राइवेट डॉक्टरों का काफी इलाज़ कराया गया और गत दो वर्षों से लगातार डायलिसिस पर चल रही थी और इसी बीच इंतेक़ाल हो गया।
दूसरी तरफ मृतिका की बहन तरन्नुम बानों ने दावा किया कि पति सहित सास व जेठ जेठानी लगातार दहेज़ की मांग कर रहे थे और इसी कारण हत्या कर शव को दफनाया दिया। मृतिका की बहन तरन्नुम बानों की शिकयत व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर टाण्डा कोतवाली पुलिस ने मुकदमा संख्या 307/25 पर पति, सास, देवर व जेठ, जेठानी के खिलाफ संगीन धाराओं ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू किया, इसी बीच मजिस्ट्रेट के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम कराने का आदेश हुआ। गुरुवार को स्थानीय मजिस्ट्रेट व टाण्डा कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी की मौजूदगी में बिहरोजपुर कब्रिस्तान से शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पति सलमान शेख का आरोप है कि उसकी पत्नी के नाम उसके मायके वालों द्वारा मोटी रकम का बीमा कराया गया था तथा उनसे भी मोटी रकम उधार ले रखा है, उक्त रकम वापस ना देना पड़े जिसके कारण फ़र्ज़ी व मनगढ़त आरोप लगा रहे हैं जबकि गत 07 वर्षों से अपनी पत्नी का इपज़ अच्छे से अच्छे डॉक्टरों से कराया गया तथा दो वर्षों। से डायलिसिस भी कराई जा रही थी और 09 जुलाई को इलाज के दौरान मौत होने के बाद मुस्लिम रीति रिवाज के साथ सभी की मौजूदगी में मिट्टी हुई है।
बहरहाल तीन माह बाद विवाहिता का शव कब्रिस्तान से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब देखने वी बात होगी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मामला सामने आता है।




