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आक्रोशित अन्नदाताओं ने बड़ी पंचायत के बाद सड़क को ही बनाया अपना आशियाना

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अम्बेडकरनगर: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा क्रमवार जारी धरना प्रदर्शन के 155वें दिन बड़ी पंचायत बुलाई गई और अधिकारियों की बातों को दरकिनार कर रात्रि में भी धरना प्रदर्शन किया गया। भीषण ठण्ड में सड़क किनारे सैकड़ों किसानों ने अपना बिस्तर लगाया और धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रखने की चेतावनी दिया।


बताते चलेंकि राष्ट्रीय राजमार्ग 233 वाराणसी लुम्बनी मार्ग में अधीकृत हुई किसानों की भूमि का प्रतिकर अभी तक फाइनल न होने को लेकर भारतीय किसान यूनियन के चल रहे क्रमिक अनशन के 155वें दिन बुधवार को बड़ी पंचायत बुलाकर प्रशासन के हाथ पाँव फुला दिया। मौके पर उपजिलाधिकारी टांडा सचिन यादव व पुलिस उपाधीक्षक संजय नाथ तिवारी ने पहंच कर वार्ता कर मांग पत्र लिया। अकबरपुर टाण्डा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर टांडा-अकबरपुर मार्ग के लिए बनाई गई ओवरब्रिज के नीचे किसानों ने सड़क के किनारे बड़ी पंचायत बुलाई जिसमे हजरों की संख्या में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल हुई। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा ने कहा कि हमारा क्रमिक अनशन 155 दिन से चल रहा है लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नही रेंग रही है, इस बीच जिलाधिकारी से भी कई बार वार्ता हुई लेकिन मात्र आश्वाशन ही मिला इसलिए हमारा आन्दोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि वार्ता में 0.051 हैक्टेयर तक अकृषक व आवसीय दर से प्रतिकर दिए जाने का समझौता भी हो चुका है लेकिन अभी तक मुआवजा फाइनल नहीं किया गया। बुधवार को हुई असफल वार्ता के बाद किसानों ने सड़क को ही अपना घर बनाने का निर्णय लिया और वहीं पर भोजन बनाया गया तथा सड़क किनारे लगे पंडाल में बिस्तर लगा कर पूरी रात्रि बिताई। किसानों का मूड देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अगर उनकी मांगें जल्द पोइरी नहीं हुई तो उनका आंदोलन काफी लंबे समय तक चल सकता है।

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