अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: गोपाल सोनकर जलालपुर) तहसील जलालपुर में तैनात राजस्व निरीक्षक गजेंद्र पाल सिंह के भरोसेमंद ड्राइवर ने ही उनका सिर्फ विश्वास तोड़ा बल्कि अन्य लोगों को बड़ी सीख दी डाली। आरोपी ड्राइवर उमाकांत उर्फ मोनू ने चुपके से मालिक का सिम निकालकर अपने मोबाइल में डाल लिया और गूगल पे के माध्यम से अलग-अलग तारीखों में खाते से पांच लाख रुपये निकाल लिए। इसमें चार लाख रूपये एक एक लाख करके निकले गए हैं। रविवार को जब राजस्व निरीक्षक का पुत्र एटीएम से रुपये निकालने गया, तो निर्धारित राशि से कम रकम मिलने पर शक हुआ। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पूरे मामले का खुलासा हो गया।
पीड़ित राजस्व निरीक्षक ने बताया कि आरोपी ड्राइवर के साथ जमालपुर चौराहे स्थित जनसेवा केंद्र का संचालक भी शामिल है। रकम उसके खाते में भेजी जाती थी और वह नकद में ड्राइवर को दे देता था। आहत राजस्व निरीक्षक ने कोतवाली में लिखित शिकायत देकर आरोपी ड्राइवर और जनसेवा केंद्र संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी जैद अहमद ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है, आरोपी ड्राइवर को बुलाकर पूछताछ की जा रही है।बहरहाल कानून गो के सबसे अधिक भरोसे मन्द चालक ने ही उनकी सिम से चार लाख रुपये हड़प कर जहां भरोसे का खून कर दिया वहीं बड़ी सीख भी दे गया कि कोई कितना भी सगा क्यों ना हो, लेकिन उसे अपनी सिम या मोबाइल भूल कर भी नहीं देना चाहिए।




