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घरेलू गैस को लेकर अफवाहों पर प्रशासन सख्त, होटल मालिकों के साथ टाण्डा एसडीएम की बैठक, कालाबाजारी पर नकेल

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अम्बेडकरनगर: कमर्शियल गैस की आपूर्ति में कटौती और फैल रही अफवाहों के बीच टाण्डा प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय पहल की है। टाण्डा एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने होटल मालिकों, जलौनी लकड़ी विक्रेताओं और आरा मशीन संचालकों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और सभी को भरोसा दिलाया कि जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में एसडीएम ने होटल संचालकों से अपील की कि कमर्शियल गैस की उपलब्धता सीमित होने के कारण वैकल्पिक ईंधन के रूप में लकड़ी का प्रयोग करें, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो। प्रशासन ने इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जलौनी लकड़ी विक्रेताओं और आरा मशीन संचालकों के साथ भी बैठक की और लकड़ी की कीमत तय कर दी, ताकि आपदा की स्थिति में कोई जमाखोरी या मुनाफाखोरी न कर सके।
प्रशासन की ओर से जलौनी लकड़ी का मूल्य 5 से 6 रुपये प्रति किलो के बीच निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तय दर से अधिक कीमत लेने या लकड़ी की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित होने से बचाना है। उन्होंने कहा कि जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन ईरान युद्ध की खबरों के बाद गैस की कमी की अफवाहें फैल गईं, जिसके कारण कई लोग घबराकर अतिरिक्त गैस सिलेंडर का भंडारण करने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्य स्थिति में गैस बुकिंग के 3 से 4 दिन के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। यदि किसी उपभोक्ता को गैस आपूर्ति में समस्या आती है तो वह प्रशासन द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दर्ज करा सकता है।
एसडीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस का भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की कमी को देखते हुए शादी-विवाह, तेरहवीं और अन्य बड़े कार्यक्रमों में लकड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि आवश्यक सेवाओं में गैस की उपलब्धता बनी रहे।
साथ ही उन्होंने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शासन ने आवश्यक सेवाओं के तहत एस्मा (ESMA) लागू किया है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गैस या ईंधन की कालाबाजारी या जमाखोरी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों के सहयोग से गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा ।

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