अम्बेडकरनगर: पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के जन्म दिन पर आगमी माह टाण्डा नगर क्षेत्र में निकलने वाला ऐतिहासिक प्राचीन जुलूसे मोहम्मदी में अंजुमनों द्वारा डीजे ना लगाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। केंद्रीय समिति अंजुमन गुलामाने मुस्तफा द्वारा भी जुलूस में डीजे ना शामिल करने की लगातार अपील की जा रही है लेकिन इस के बाद भी डीजे वाली अंजुमनों में लगातार वृद्धि होती जा रही है।
जुलूसे मोहम्मदी में अदब व एहतराम के साथ शामिल होने का पैग़ाम देते हुए हाफिज कारी जमाल अशरफ निज़ामी लगातार टाण्डा नगर की अंजुमनों से संपर्क करते नज़र आ रहे हैं।
श्री जमाल ने बताया कि आगामी जुलूसे मोहम्मदी के दौरान सकरावल गोठ में एक नातिया मजाहिरा का आयोजन किया गया है जिसमें बिना डीजे व अदब से चलने वाली ही अंजुमनों से तीन तीन नातीया अशआर पढ़ाया जाएगा और नातिया मजाहिरा में शामिल सभी अंजुमनों को खुशुशी इनाम देते हुए सम्मानित किया जाएगा। श्री जमाल ने बताया कि डीजे वाली अंजुमनों को नातिया मजाहिरा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
बताते चलेंकि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर टाण्डा नगर क्षेत्र में काफी बड़े पैमाने पर जुलूस निकाल कर पैग़म्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. में आस्था व मुहब्बत प्रकट करते हैं। इस दौरान अंजुमनें एक लाइन में चलते हुए अपने अपने अंदाज में नज़राना-ए-अकीदत पेश करती हैं लेकिन इधर चन्द वर्षों से डीजे का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ गया है जिससे जुलूस की रौनक व अदब बर्बाद होने लगा है। जुलूसे मोहम्मदी का अदब बहाल करने के लिए जहां मरकज़ अंजुमन लगातार प्रयास करती नज़र आ रही है वहीं इस बार गुलामाने रसूल द्वारा सकरावल गोठ में जुलूसे मोहम्मदी के दौरान नातिया मजाहिरा का आयोजन किया गया है और उक्त कार्यक्रम में डीजे वाली अंजुमनों के लिए कोई स्थान नहीं दिया गया है। उक्त प्रस्तावित आयोजन की नगर क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।





