अम्बेडकरनगर: शहादते मौला अली पर प्रत्येक वर्ष की भांति 20 व 21 रमज़ान को विभिन्न स्थानों पर जुलूस ए ताबूत बरामद हुआ।
औद्योगिक टाण्डा नगर में कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य जुलूस-ए-ताबूत स्वर्गीय नजमुल हसन (सैय्यद वजीहुल हसन व सैय्यद रईसुल हसन गुड्डू) के आवास से बरामद होकर स्टेट बैंक होता हुआ रौजा पहुंचा और पुनः स्टेट बैंक होता हुआ जानना अस्पताल व नयन तारा होता हुआ राजा साहब के मैदान स्थित मस्जिद में समाप्त हुआ। उक्त जुलूस में अंजुमन शमशीरे हैदरी पकड़ी व अंजुमन सिपाहे हुसैनी हयातगंज नौहा व मातम किया। इस दौरान कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी स्वयं जुलूस के आगे आगे सुरक्षा दृष्टि से लगे नज़र आये।

बताते चलेंकि शिया समुदाय के पहले इमाम व सुन्नी मुसलमानों के चौथे खलीफा हजरत मौला अली की शहादत पर जुलूसे ताबूत बरामद होता है। शिय समुदाय द्वारा ग़म-अली पर ताबूत सजा कर मजलिसे की जाती है।
इस्लाम धर्म के अंतिम संदेष्टा पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के चचेरे भाई व दामाद हजरत अली का जन्म मुस्लिम समुदाय के सबसे पवित्र स्थल खाना-ए-काबा के अंदर हुआ था।
26 जनवरी 661 यानी 19 रमजान 40 हिजरी को इराक के कूफा की मस्जिद में जहर आलूद खंजर से नमाज के दौरान हज़त अली पर कातिलाना हमला किया। इस हमले में हज़रत अली बुरी तरह जख्मी हुए और अगले दो दिनों तक जख्म से लड़ते रहे। जख्म ज्यादा गहरा होने की वजह से ठीक ना हो सका और 21 रमजान 40 हिजरी को हज़रत अली को शहादत वाके हुई। हजरत अली की शहादत दिवस पर शिय समुदाय द्वारा ज़हरीला खंज़र लगने से शहादत तक के समय पर ग़म मनाते हैं। देर रात्रि बाद नमाज़ इशां मजलिसे शामे गरीबां आयोजित किया जाएगा।





