अम्बेडकरनगर: हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जमानतदार ना होने के कारण जेल में बंद चल रहे युवक को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से रिहा कराने में सफलता प्राप्त हुई है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ.प्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में ऐसे बन्दी जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत होने के पश्चात् भी जमानतदार के अभाव में रिहा नहीं हो पा रहे हैं की रिहाई हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान किये जाने के कम में जिला कारागार अम्बेडकरनगर में निरूद्ध बन्दी विपुल शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा निवासी ग्राम-पटना मुबारकपुर थाना बसखारी जिसका मुकदमा न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विचाराधीन था एवं बन्दी की जमानत सक्षम न्यायालय से गत 05 दिसंबर को स्वीकृत हो गई थी परन्तु जमानतदार न मिल पाने के कारण बन्दी कारागार से रिहा नहीं हो पा रहा था। बन्दी विपुल शर्मा द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने, निर्धन होने तथा उसका कोई पैरवी करने वाला कोई नहीं है, का प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया। अपर जिला जज / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमलेश कुमार मौर्य के आदेशों के कम में जनपद न्यायालय परिसर में संचालित लीगल ऐड डिफेंस काउसिल में कार्यरत राजेश कुमार तिवारी डिप्टी लीगल ऐड डिफेंस काउसिल द्वारा जिला कारागार को निर्देशित कर नियमानुसार उचित कार्यवाही करने के लिए कहा गया था जिसके अनुक्रम में राजेश तिवारी डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा उक्त बन्दी को उच्चतम न्यायालय के 31 जनवरी 2023 के परिप्रेच्छ में पैरवी कर निःशुल्क विधिक सेवा प्रदान करते हुये व्यक्तिगत बन्धपत्र पर 20 मार्च 2024 को जिला कारागार अम्बेडकर नगर से रिहा कराया गया। रिहाई के उपरान्त बन्दी विपुल शर्मा कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व लीगल ऐड डिफेंस काउसिल के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
उक्त जानकारी कमलेश कुमार मौर्य, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई।





